ब्यूरो रिपोर्ट। 

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो अजमेर की टीम ने बुधवार को शहर के शास्त्रीनगर निवासी शशिकांत जोशी के विला में सीज दफ्तर को खंगाला। इस दौरान यहां मामले से संबंधित फाइलों और दस्तावेज जब्त करने की कार्रवाई की। शशिकांत जोशी जयपुर ACB के चुंगल में फंसे राजस्व मंडल सदस्य सीनियर RAS अफसर सुनील शर्मा और B.L मेहरडा का करीबी वकील था। तीनों को ACB पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। ACB के उप अधीक्षक पारसमल की टीम ने जोशी के निवास स्थान पहुंचकर सीज दफ्तर को खोला। जहां फिलहाल जांच की जा रही है। गौरतलब है कि गत 11 अप्रैल को एसीबी ने जोशी के मकान पर सर्चिंग की और 51 लाख रुपए नकद, 2 लैपटॉप, एक एक्सिस बैंक का लॉकर, विभिन्न बैंको में 5 खाते, सम्पति के दस्तावेज, एक नोट गिनने की मशीन को जब्त किया गया था। साथ ही घर में मिली पुरानी कंरसी क्रिश्चयनगंज थाना पुलिस के सुपुर्द कर दी थी। वहीं, घर में मिले साढे़ चार लाख के जेवरात घर वालों को ही सुपुर्द कर दिए थे। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने 10 अप्रैल की देर शाम राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) के दो अफसरों रेवेन्यू बोर्ड के मेंबर बीएल मेहरड़ा और सुनील शर्मा के जयपुर स्थित घरों पर छापा मारा। दोनों के जयपुर स्थित वैशाली नगर, बापू नगर स्थित आवास पर सर्च में करीब 80 लाख रुपए कैश मिला। वहीं, ACB ने अधिकारियों के अलावा वकील शशिकांत जोशी को भी पकड़ा। इस मामले में तीनों को गिरफ्तार किया। बता दें कि सुनील शर्मा 1994 बैच के, जबकि मेहरड़ा 1996 बैच के अधिकारी हैं।राजस्व मंडल में फैसलों की निष्पक्षता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। राजस्व मंडल में काश्तकारों की जमीन के फैसले होते हैं। यहां फैसले करने वाले कानून के जानकार नहीं होकर प्रशासनिक अफसर हैं। मंडल में कुल 20 सदस्यों में 13 राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। 6 भारतीय प्रशासनिक सेवा के अफसर हैं। इन सदस्यों में भी कोई भी कानून का जानकार नहीं है। मंडल में दो वकील कोटे से और दो न्यायिक कोटे से हैं।