सवाई माधोपुर से हेमेंद्र शर्मा की रिपोर्ट।
सवाई माधोपुर जिले में बजरी माफियाओं का दुस्साहस बढ़ता ही जा रहा है । बजरी माफियाओं में पुलिस एंव प्रशासन का बिल्कुल भी भय नही रहा । आलम ये है की बजरी माफियाओं के हौसले इतने बढ़ गए कि बजरी माफिया किसी भी आपराधिक घटना को अंजाम देने से नही चूकते । इसकी मांगी जिले के मलारना चोड़ कस्बे में भलीभांति देखने को मिली । जहाँ शुक्रवार को मलारना चोड़ कस्बे के कुछ किसानों ने अपने खेतों में होकर निकलने वाली बजरी की ट्रैक्टर ट्रॉलियों का विरोध किया तो बजरी माफियाओं ने विरोध करने वाले पाँच किसानों का अपहरण कर लिया और उनको दौसा जिले के मंडावरी थाना क्षेत्र के कानलोदा की कुटी पर ले गए । जहाँ बजरी माफियाओं ने किसानों के साथ बेहरहमी से मारपीट की ।
किसानों के अपहरण की घटना की जानकारी मिलने पर मलारना चोड़ के किसान एकत्रित हुवे और बजरी माफियाओं से सम्पर्क साध कर गाँव के कुछ किसान कानलोदा की कुटी पहुँचे । जहाँ बजरी माफियाओं से हाथाजोड़ी और मिन्नतें कर बड़ी मुश्किल अपह्रत किसानों को छुड़वाया और अपने साथ गांव लेकर आये । इसके बाद मलारना चोड़ के किसान बजरीआफ़ियाओ द्वारा अपहरण किये गए पांचों किसानों को लेकर मलारना डुंगर थाने पहुँचे । जहाँ पीड़ित किसानों ने एक दर्जन से भी अधिक बजरी माफियाओं के खिलाफ अपहरण एंव मारपीट व बाईक में तोड़फोड़ करने का मामला दर्ज कराया । पीड़ित किसान मुरारी मीना,जगदीश मीना, पुखराज मीना,अशोक मीना और लेखराज मीना ने रिपोर्ट में बताया कि वो शुक्रवार को अपने खेतों को संभालने गये थे । तभी 10-12 बजरी से भरे ट्रैक्टर ट्रॉली खेतों में लगे पिल्लर और तारबंदी को तोड़ते हुवे खेतों से निकल रहे थे । जिसका उनके द्वारा विरोध किया गया तो आरोपी खेमराज, भरतलाल,आलू,रामकेश,दिलराज,दिलखुश तुलसीराम, सिराज, महेंद्र आदि लोगो ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी और ट्रैक्टर की टक्कर से उनकी दो बाइक तोड़ दी और सभी पांचों किसानों को जबरन ट्रैक्टर ट्रॉली में डालकर कानलोदा की कुटी ले गए और उनके साथ जमकर मारपीट की गई । मलारना डुंगर थाना पुलिस द्वारा मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है । लेकिन बड़ी बात ये है कि न्यायालय की रोक के बावजूद जिले में अवैध बजरी खनन जोरो पर है और पुलिस एंव प्रशासन महज मूक दर्शक बनकर बैठा है
जिसके चलते बजरी माफिया बेखोफ होकर आए दिन आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे है । बजरी वाहनों से आये दिन दुर्घटनाएं हो रही है । बजरी वाहनों की टक्कर से कई लोग अपनी जान गंवा चुके है । बावजूद इसके पुलिस एंव प्रशासन द्वारा इन बजरी माफियाओं के अंकुश नही लगाया जा रहा है



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