आज पंचायती राज दिवस है। कोरोना महामारी के चलते जो रस्म अदायगी हर साल होती थी वो भी फीकी रहेगी। क्या फर्क पड़ता है? जब तक पंचायतों के अधीकार ऊपरी शक्तियों के पास गिरवी पड़े रहेंगे तब तक सच्चा पंचायती राज नहीं आ सकता। जो पंचायतें अपने अधिकारों के लिए संघर्षरत हैं उन्हें नमन। राजकाज आपके साथ है।


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