ब्यूरो रिपोर्ट

           जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महात्मा गांधी नरेगा योजना में कनिष्ठ तकनीकी सहायक एवं लेखा सहायक के कुल 738 रिक्त पदों के लिए संविदा आधार पर नियोजन में एकरूपता बनाए रखने के उद्देश्य से तैयार की गई नई नीति के प्रारूप का प्रशासनिक अनुमोदन किया है । गहलोत के इस निर्णय से कनिष्ठ तकनीकी सहायक के 373 एवं लेखा सहायक के 365 पदों को संविदा से भरने के लिए सभी जिलों में एकता बनाए रखी जा सकेगी। इस नीति में कनिष्ठ तकनीकी सहायकों के चयन के लिए सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमाधारी तथा कृषि इंजीनियरिंग में बीटेक को समान अवसर प्रदान करते हुए शैक्षणिक योग्यता के 70% अंक तथा ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग में कार्य का अनुभव रखने वाले संविदा कार्मिकों को नियोजन में प्राथमिकता देने के उद्देश्य से 20 अंक एवं गृह जिले के निवासी को जिले में ही रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 10 अंक निर्धारित किए गए हैं। लेखा सहायक के चयन की योग्यता में बीए,बीकॉम, बीएससी के साथ कंप्यूटर डिप्लोमाधारी आवेदकों को अवसर प्रदान करते हुए शैक्षणिक योग्यता तथा राज्य सरकार के किसी भी सरकारी कार्यालय में लेखाकार के अनुभव के अधिकतम 20 अंक तथा गृह जिले के निवासी के लिए 10 अंक रखे गए हैं । मुख्यमंत्री की इस स्वीकृति से प्रत्येक 6 ग्राम पंचायतों पर एक कनिष्ठ तकनीकी सहायक तथा 10 ग्राम पंचायतों पर एक लेखा सहायक उपलब्ध हो सकेंगे । जिससे मनरेगा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में सुगमता होगी।