प्रदेश में चल रहे शादियों के सीजन के दौरान कोरोना गाइडलाइन की पालना के लिए गठित की गई प्रशासन औऱ नगर निगम की टीमों  की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है। देखा जाए तो मैरिज गार्डन में मौजूद लोगों की संख्या के बारे में पता लगाने के लिए निगम की ओर से वीडियोग्राफी करवाई जाती है। 


जिससे पता लगता है कि वहां कितने लोग मौजूद हैं? और अगर भीड़ हो तो फिर उस दिन के बजाय दूसरे दिन जाकर गार्डन को सील किया जाता है। इस बारे में निगम अधिकारियों का कहना है कि वीडियोग्राफी को देखने के बाद ही दूसरे दिन कार्यवाही करने का प्रावधान है। 


लेकिन यहां सवाल यह उठता है कि जब मौके पर मौजूद स्थिति का पता उन्हें लग जाता है तो हाथों-हाथ संक्रमण रोकने की दिशा में कार्यवाही क्यों नहीं की जाती? एक तरह से यह कार्यवाही तो संक्रमण को फैलाने का ही सबब बन रही है क्योंकि भीड़ में जिसको संक्रमण छोड़ना होता है, वह अपना काम कर जाता है और फिर तेजी से कोरोना का फैलाव होने लगता है। लेकिन निगम की टीमें दूसरे दिन खाली गार्डन  को सीज करके अपनी कार्यवाही कीऋ इतिश्री कर रही है जो कि किसी भी तरीकें से उचित नहीं कहा जा सकता।

ब्यूरो रिपोर्ट!