जयपुर. आबकारी नीति-2०21 के खिलाफ दायर याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति और न्यायाधीश सतीश शर्मा की बैंच ने बहस सुनकर फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस संबंध में लक्की वाइंस एवं अन्य ने याचिका दायर कर हाईकोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ताओं को 2०2०-21 के लिए शराब लाईसेंस दिया गया था।
उस समय राज्य सरकार ने कहा था कि इस लाईसेंस अवधि को एक साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। अब नई आबकारी नीति में भी सरकार लाईसेंस अवधि को एक साल बढ़ाने के लिए कह रही है। जबकि पिछले वर्ष के शराब लाईसेंस की अवधि नहीं बढ़ाई गई। प्रोमिस ऑफ स्टोपल के नियम के तहत राज्य सरकार अपने वायदे से मुकर नहीं सकती है। सरकार के वायदे के कारण ही याचिकाकर्ताओं ने शराब लाईसेंस लिया था, लेकिन सरकार ने अवधि बढ़ाने के बजाए नीलामी के जरिए लाईसेंस दे दिए। राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि सरकार ने अवधि बढ़ाने की सिर्फ संभावना जताई थी। लाईसेंस अवधि एक साल के लिए ही होती है।
ब्यूरो रिपोर्ट


0 टिप्पणियाँ