करौली से अवनीश पाराशर,


भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने प्रदेश में लूट, हत्या, महिला अपराध एवं गुण्डागर्दी की घटनाओं में लगातार हो रही बढ़ोतरी एवं अभी हाल ही में करौली जिले के मण्डरायल उपखण्ड में श्यामपुरा मोड़ पर पुलिस द्वारा डण्डों व पत्थरों से पीट-पीटकर ट्रैक्टर चालक विजयसिंह गुर्जर की हत्या मामले का उल्लेख किया है।


डॉ. पूनियां ने पत्र में लिखा कि, प्रदेश में लूट, हत्या, महिला अपराध एवं गुण्डागर्दी की घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है, इन आपराधिक घटनाओं में जिम्मेदारों के विरूद्ध ठोस कार्यवाही नहीं किये जाने से घटनाओं को अंजाम देने वालों के हौंसले बुलन्द हो रहे हैं। 

पत्र में पूनियां ने करौली जिले की घटना का जिक्र करते हुये कहा कि, राज्य में पुलिस की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान है, जिसका ताजा उदाहरण करौली जिले के मण्डरायल उपखण्ड में श्यामपुरा मोड़ पर पुलिस द्वारा डण्डे व पत्थरों से पीट-पीट कर ट्रैक्टर चालक विजयसिंह गुर्जर की हत्या के रूप में सामने आया है। जिस पुलिस पर लोगों के संरक्षण की जिम्मेदारी है, उनके द्वारा ही आमजन के जीवन को संकट में डाला जा रहा है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि, प्रदेश में बढ़ती आपराधिक घटनाओं की रोकथाम हेतु तुरंत प्रभाव से ठोस कदम उठाये जायें एवं ट्रैक्टर चालक विजयसिंह गुर्जर की हत्या मामले में निष्पक्ष जांच करवाकर कठोर कार्यवाही अमल में लाई जाये, साथ ही निम्नलिखित मांगों की पूर्ति कर मृतक के परिजनों को राहत प्रदान करावें।दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाये, मृतक के परिजनों को 50 लाख रूपये का मुआवजा दिया जाये, मृतक के बच्चों के लालन-पालन की जिम्मेदारी राज्य सरकार वहन करे, मृतक आश्रित को सरकारी नौकरी दी जाये, करौली जिले में बजरी की लीज हो, जिससे रोजगार मिल सके।


सासंद राजौरिया ने सीएम को लिखा पत्र,

इधर करौली धौलपुर सांसद डॉ मनोज राजोरिया ने सीएम गहलोत को पत्र लिखकर बताया है की संसदीय क्षेत्र करौली धौलपुर के करौली जिले के मंडरायल तहसील के लांगरा थाना क्षेत्र में मंगलवार रात को श्यामपुर की झोपड़ी निवासी ट्रैक्टर चालक विजय सिंह गुर्जर की संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई । इस घटना में लांगरा पुलिस थानाअधिकारी एवं कार्मिकों की भूमिका संदिग्ध है। इस घटना के उपरांत मृतक के परिजनों एवं आसपास के क्षेत्र के निवासियों में अत्यधिक रोष एवं आक्रोश व्याप्त है। तीन रात गुजर जाने के उपरांत भी अभी तक शव का अंतिम संस्कार नहीं हो पाया है। सांसद ने मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि इस घटना को गंभीरता से  देखते हुए इस घटनाक्रम में लिप्त संबंधित थाना अधिकारी एवं अन्य पुलिसकर्मियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाए। मृतक के आश्रित परिवार को कम से कम 50 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाए। मृतक आश्रित परिवार के एक सदस्य को राजकीय सेवा में नियुक्त किया जाये।