बारां से बृजेश कलवार 


कोटा शहर में गत 22 मार्च की रात अधिस्वीकृत स्वतंत्र पत्रकार सुबोध जैन के आवास पर पुलिस की निंदनीय कार्यवाही के विरोध में गुरूवार 25 मार्च को जिला प्रेस क्लब बारां के एक प्रतिनिधि मण्डल ने जिलाध्यक्ष दिलीप शाह के नेतृत्व में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम जिला कलक्टर को एवं पुलिस महानिदेशक के नाम ज्ञापन बारां एसपी को सौपकर दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की।ज्ञापन में बताया गया कि कोटा शहर के स्टेशन जैन मंदिर और धर्मशाला को लेकर पिछले लंबे समय से विवाद चल रहा है। दो दिन पूर्व ही एक गुट विशेष द्वारा धर्मशाला का ताले तोड़कर कब्जा कर लिया और यह सब पुलिस की मौजूदगी में हुआ। 

गत 22 मार्च की रात सुबोध जैन पत्रकार  की हैसियत से विवादित स्थल धर्मशाला का वीडियो शूट कर रहा था। तभी वहां मौजूद दूसरे गुट के समाज के ही चार-पांच लड़कों में से एक ने उनका हाथ पकड़ने की कोशिश की परंतु वे बिना कुछ कहे वापस आ गये। फिर उसी देर रात्रि को समाज के आठ दस लोग पत्रकार सुबोध जैन के घर के बाहर हंगामा करने लगे तो कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। इस पर भीमगंज मंडी थाने का पुलिस जाब्ता आ गया। उस समय पत्रकार सुबोध जैन अपने निवास स्थान पर नहीं थे। जब पुलिस ने ताला खोलने के लिए कहा तो उनकी पत्नी ने कहा कि हम महिलाएं घर में हैं। परंतु पुलिस ने इसे ना मानते हुए आधीरात के वक्त पड़ोस के घर की छत से उनके घर में घुस आए और उनकी पत्नी व बहु के साथ बदसलूकी करते हुए पूरे घर की तलाशी ली। जैसे वे कोई आतंकवादी हो। फिर जब पुलिस को जैन वहां नहीं मिले तो पुत्र आईटी इंजीनियर सौरभ जैन को पुलिस थाने ले गई और उसे शांति भंग में बंद कर दिया। जबकि उसका इन सब विवादों से कोई लेना-देना ही नहीं था। जबकि पत्रकार जैन के घर के बाहर हंगामा करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इस मामले में दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई के आदेश प्रदान करें।ज्ञापन देने के दौरान जिला प्रेस क्लब के संरक्षक ललितमोहन खण्डेलवाल, दिलीप शाह, बृजेश कलवार, नरेन्द्र कुमरा, विरेन्द्र सिंह बना, राकेश कुमार, नीरज पोरवाल, राजेश पंकज, विष्णु भारद्वाज, तेजमल गुप्ता, शंभु पांचाल, नवोदित पत्रकार संगीता मीणा प्रतिनिधिमण्डल में शामिल रहे।