जयपुर. फोन टैपिंग पर सरकार की स्वीकारोक्ति पर सियासी पारा गरम होने के साथ ही विधानसभा तक माहौल गर्मा गया है. मंगलवार को विधानसभा में बीजेपी ने जमकर हंगामा किया. शून्यकाल में उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ और विधायक कालीचरण सराफ ने स्थगन प्रस्ताव के जरिए फोन टैपिंग का मामला उठाना चाहा.
लेकिन स्पीकर सीपी जोशी ने अनुमति नहीं दी तो नाराज बीजेपी विधायकों ने सदन की वेल में आकर नारेबाजी शुरु कर दी. शून्यकाल की कार्यवाही शुरु होने पर नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा, सरकारी मुख्य सचेतक ने एक एफआईआर करवाई थी उसका आधार फोन टैपिंग ही था, इससे यह तय हो गया कि सरकार की किसी एजेंसी ने फोन टैपिंग करवाई.
सरकार को सदन में बताना चाहिए कि किस अधिकार से सरकार ने किन किन लोगों के फोन टैप करवाए. हम यही जानना चाहते हैं कि जिस संदर्भ में मुकदमा दर्ज हुआ उसमें अनुमति लेकर फोन टैप हुआ या नहीं? गृह विभाग की अनुमति लेकर अभियुक्तों को ढूंढने के लिए फोन टैप करवाते हैं. हम सदन में यही जानना चाहते हैं मुख्य सचेतक ने जो एफआईआर करवाई थी क्या उसका आधार फोन टैपिंग थी?
स्पीकर ने कहा, किसकी निजता भंग हुई स्थगन में यह नहीं बताया इसलिए स्थगन खारिज,
स्पीकर ने कहा कि फोन टैपिंग के स्थगन को मंजूरी नहीं दी जा सकती.. अखबार सदन की कार्यवाही को प्रभावित नहीं कर सकते.. उन्होंने कहा कि प्रश्न यह पूछा गया था कि विगत दिनों में फोन टेप हुए, इसका जवाब आया..अब कालीचरण सराफ ने स्थगन में फोन टैपिंग से जनता की निजता भंग होने की स्थिति की बाते लिख रहे हैं.. जबकि फोन टैपिंग का कानून है और किसकी निजता भंग हुई नाम बताना चाहिए था.. सराफ ने पांचवें सत्र में जो सवाल पूछा था उसका जवाब दिया गया है कि सक्षम स्तर से मंजूरी लेकर फोन टैप करवाए हैं..यह होता रहा है.. मेरे सामने स्थगन प्रस्ताव पर व्यवस्था देने का सवाल है तो यह मुद्दा स्थगन के लायक नहीं है..
बिना सबूत विधायकों- केंद्रीय मंत्रियों के फोन टैप के सबूत दीजिए,
स्पीकर ने कहा, राजेंद्र राठौड़ का स्थगन है जिसमें लिखा है— सांसदों, विधायकों और केंद्रीय मंत्रियों के बिना अधिकृत प्राधिकारियों के फोन टैप करवाए गए.. आपने इसके सबूत नहीं दिए, आप सबूत दीजिए और नाम बताइए.. आपके पास सबूत या रिकॉर्ड है तो दीजिए, इसके बिना सदन में चर्चा की अनुमति नहीं दे सकता..
फोन टैपिंग पर स्थगन रिजेक्ट, आपको मेरे फैसले पर विश्वास नहीं तो मेरे खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकते हैं,
अध्यक्ष के स्थगन खारिज होने के बाद भाजपा विधायकों ने वेल में आकर हंगामा और नारेबाजी शुरु कर दी.. नाराज स्पीकर ने कहा, मैंने सोच समझकर व्यवस्था दी हैं..मैं अध्यक्ष की व्यवस्था पर आपको सवाल उठाने की अनुमति नहीं दे सकता..आपको अध्यक्ष के फैसले पर विश्वास नही है तो आप मेरे खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकते हैं..
मदन दिलावर 7 दिन के लिए निलंबित।।
हंगामे और नारेबाजी के बीच भाजपा विधायक मदन दिलावर को सात दिन के लिए विधानसभा से निलंबित कर दिया गया। विधानसभा स्पीकर ने दिलावर को निलंबित करने का प्रस्ताव लाने को कहा। संसदीय कार्यमंत्री शांति धरीवाल ने दिलावर को निलंबित करने का प्रस्ताव रखा जिसे वॉयस वोट से पारित किया गया।
स्पीकर ने दिलावर को सदन से जाने को कहा, मार्शल को दिलावर को सदन से निकालने को कहा, लेकिन भाजपा विधायकों ने दिलावर के चारों तरफ घेरा बना दिया। इस बीच स्पीकर ने विधानसभा की कार्यवाही को आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया। विधानसभा में भाजपा विधायकों के हंगामे और नारेबाजी के बीच सदन की कार्यवाही को चौथी बार 03:15 पर आधे घंटे के लिए 03:45 तक के लिए स्थगित किया गया।
जयपुर से मुकेश शर्मा की खबर


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