जयपुर. सरकारी हैलीकॉप्टर अगस्ता की 11 वीं बार हुई नीलामी भी परवान नहीं चढ़ सकी। 3 मार्च को हुई नीलामी में किसी खरीदार ने इसे खरीदने में दिलचस्पी नहीं दिखाई।इस दौरान इसकी रिजर्व प्राइस साढ़े चार करोड़ रूपए रखी गई थी। लेकिन किसी सेवा प्रदाता कंपनी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई।
पहले 2 फरवरी को इसकी नीलामी रखी गई थी। राज्य सरकार अब नीलामी की शर्तों में संशोधन करने जा रही है आपको वता दें कि साल 2005 में वसुंधरा सरकार ने इसे 30 करोड़ रुपए में खरीदा था। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान उड़ान भरते समय पंखे की ब्लेड टूटने के बाद 7 साल से ग्राउंड पर हेलीकॉप्टर खड़ा है। कई नीलामियों में बाय बैक आधार पर यानि पुराना हैलीकॉप्टर देकर नया खरीदने का भी प्रस्ताव रखा गया
और तब इसकी निर्माता कंपनी रिजर्व प्राइज 12.40 करोड़ की कीमत आंककर सौदा करने को तैयार थी लेकिन तब इसकी खरीद को लेकर विवाद सुर्खियों में आने से इसे टालना पड़ा। इसकी जब पंखुड़ी टूटी थी तब इसकी मेंटिनेंस में करोड़ों लगने के चलते सरकार ने हाथ पीछे खींच लिए थे अब स्टेट हैंगर पर पड़े इस हैलीकॉप्टर का प्रिजर्वेशन होता है जिसमें डेढ़ लाख खर्च होते हैं। इससे बिकते ना देख कर एक बैठक में तो साइंस एंड टेक्नोलॉजी पार्क में से रखने का भी सुझाव आ गया था।
जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट,


0 टिप्पणियाँ