बीजेपी में खेमेबंदी और चिट्ठी विवाद के चलते सवा दो साल बाद आखिरकार विधानसभा में विधायक दल के सचेतक की नियुक्ति कर दी है। जालौर से विधायक और पूर्व मंत्री जोगेश्वर गर्ग को भाजपा विधायक दल का सचेतक बनाया गया है। नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया की चिट्ठी पहुंचने के बाद विधानसभा सचिवालय ने गर्ग को भाजपा विधायक दल का सचेतक बनाने संबंधी बुलेटिन जारी कर दिया है।

जोगेश्वर गर्ग चार बार के विधायक हैं और आरएसएस से जुड़े रहे हैं।  गर्ग 1990 में पहली बार विधायक बने थे। भैरोसिंह शेखावत सरकार में उस वक्त उन्हें आयुर्वेद राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाया गया था। गर्ग 1990 से 1992, 1993 से 1998, 2003 से 2008 और अब 2018 से विधायक हैं। चिट्ठी विवाद के बाद पिछले दिनों कैलाश मेघवाल ने विधायक दल की बैठक में मुद्दा उठाया था। 

दरअसल बीजेपी में वसुंधरा राजे खेमे के 20 विधायकों ने चिट्ठी लिखकर सदन में बोलने का मौका देने में भेदभाव का आरोप लगाया था। इसके बाद विधायक दल की बैठक में वसुंधरा राजे के खेमे के वरिष्ठ नेता कैलाश मेघवाल ने सवा दो साल से विधायक दल के सचेतक की नियुक्ति नहीं होने पर सवाल उठाए थे। अब बीजेपी ने जोगेश्वर गर्ग को सचेतक नियुक्त कर दिया है। गर्ग के सामने अब सदन में सभी खेमों को साथ लेकर चलने की चुनौती होगी।

मेघवाल के मुकाबले में उतारा गर्ग को 

जोगेश्वर गर्ग को भाजपा विधायक दल सचेतक पद पर नियुक्ति को  बीजेपी संगठन का वसुंधरा राजे खेमे के वरिष्ठ विधायक कैलाश मेघवाल  का जवाब माना जा रहा है।  कैलाश मेघवाल दलित समुदाय से आते हैं । मेघवाल के जवाब में अब दलित चेहरे जोगेश्वर गर्ग को सचेतक बनाया है, गर्ग और मेघवाल दोनो ही शेखावत सरकार में मंत्री रह चुके हैंं। माना जा रहा है कि राजे विरोधी खेमे के कैलाश मेघवाल की काट के तौर पर जोगेश्वर गर्ग को लाया गया है।

गर्ग ने सोशल मीडिया पर लिखा, सबकी उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करूंगा

गर्ग ने सचेतक बनाए जाने के बाद सोशल मीडिया पर लिखा, एक अकिंचन कार्यकर्ता को जिसके पास न जनबल है, न धनबल है और न ही बाहुबल है। बिना मांगे बहुत कुछ देने के लिए बीजेपी राजस्थान और समस्त बीजेपी परिवार का हार्दिक आभार। नेतृत्व,विधायक दल व समस्त कार्यकर्ताओं की उम्मीद पर खरा उतरने का प्रयास करूंगा।