प्री-प्राइमरी टीचर भर्ती 2018 का मामला
.जयपुर से मुकेश शर्मा की रिपोर्ट
हाईकोर्ट ने प्री-प्राइमरी टीचर भर्ती 2018 में प्रदेश के बाहर दिल्ली व जम्मू-कश्मीर सहित अन्य जगहों से दो साल का एनटीटी कोर्स करने वालों को शामिल नहीं करने के मामले में जवाब पेश नहीं करने पर एनसीटीई एनसीटीई पर एक लाख रुपए हर्जाना लगाया है। साथ ही हर्जाना राशि की वसूली जवाब पेश नहीं करने वाले जिम्मेदार अफसरों से करने के लिए कहा है। जस्टिस एसपी शर्मा ने यह अंतरिम निर्देश हरेन्द्र सिंह गुर्जर व अन्य की याचिकाओं पर दिया। अदालत ने कहा कि एनसीटीई को जवाब के कई अवसर दिए लेकिन उसने जवाब नहीं दिया। ऐसे में एनसीटीई आगामी सुनवाई 16 अप्रैल से एक लाख रुपए हर्जाना राशि रालसा में जमा कराए और मामले में जवाब भी दे। जबकि एनसीटीई द्वारा समय पर जवाब पेश नहीं करने के कारण कोर्ट में बड़ी संख्या में केस लंबित हैं और इन केसों में बिना किसी कारण ही तारीखें ली जा रही हैं।
यह है मामला:
याचिकाओं में कहा था कि 21 अगस्त 2018 को प्री-प्राइमरी टीचर के 1310 पदों पर भर्ती में प्रार्थियों ने भी भाग लिया अौर उनके नंबर कट ऑफ मार्क्स से भी ज्यादा आ गए। लेकिन राज्य सरकार ने उन्हें यह कहते हुए नियुक्ति देने से मना कर दिया कि उनका एनटीटी कोर्स जम्मू कश्मीर व राज्य के बाहर के अन्य संस्थानों से हैं और उन्हें एनसीटीई ने मान्यता नहीं दी है। जबकि एनसीटीई ने 31 मई 2007 के पत्र में स्पष्ट किया है कि जम्मू कश्मीर से एनटीटी कोर्स करने वालों को केन्द्र व राज्य सरकार की भर्तियों में शामिल किया जाएगा। लेकिन फिर भी राज्य सरकार प्रार्थियों को बाहरी राज्य से कोर्स करने के कारण भर्ती में शामिल नहीं कर रही है।


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