जयपुर से मुकेश शर्मा की खबर 


अटर्नी जरनल के के वेणुगोपाल ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक अवमानना केस शुरू करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। 

अटॉर्नी जरनल ने कहा है कि राहुल ने न्यायपालिका के संबंध में दिए बयान में सुप्रीम कोर्ट का विशेष रूप से उल्लेख नहीं है बल्कि उन्होंने एक सामान्य बयान दिया है। अदालत की अवमानना कानून 1971 की धारा-15 के तहत अटॉर्नी जरनल केवल सुप्रीम कोर्ट की अवमानना के संबंध में ही केस शुरू करने की अनुमति दे सकते हैं। इसलिए इस मामले में उनकी सहमति देने का प्रश्न ही नहीं उठता। उन्होंने कहा है कि राहुल के बयान को आम जनता की नजरो में न्यायपालिका की साख को कम करने वाला नहीं माना जा सकता क्योंकि यह एक सामान्य तौर पर दिया गया बयान है। 




दरअसल राहुल गांधी ने एक इंटरव्यू में बीजेपी पर न्यायपालिका में अपने लोगो को शामिल करने की बात कही थी। एडवोकेट विनीत जिंदल ने उनके इस बयान को आम जनता की नजरो में न्यायपालिका की साख को कम करने वाला बताते हुए उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का केस शुरू करने के लिए याचिका दायर की थी। लेकिन अटॉर्नी जरनल ने इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया है।