श्रीगंगानगर से राकेश मितवा की खबर,
श्रीगंगानगर की नगर परिषद में लगभग 500 दिनों के कार्यकाल वाले नगर परिषद बोर्ड की बैठक बुधवार को जबरदस्त हंगामे की भेंट चढ़ गई। यह बैठक लंबी ना चल कर महज 24 मिनट ही चली और इस दौरान 129 करोड रुपए का बजट पारित कर दिया गया। हालांकि विपक्षी पार्षदों ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाए लेकिन सत्ता पक्ष के विरोध के चलते उनकी एक नही चली। हंगामा बढ़ता देखकर सभापति करुणा चांडक ने जैसे ही सभी का धन्यवाद के साथ बजट पास करने की घोषणा की ,तो विपक्षी पार्षदों ने बजट रेल बजट फेल के नारे लगाने शुरू कर दिए और इसी हंगामे और नारेबाजी के बीच सभापति व आयुक्त ने बैठक की समाप्ति की घोषणा कर जिला परिषद सभागार की ओर चले गए ।
इसी गुस्से के बीच पार्षद प्रेम नायक ने वहाँ से निकलते हुए आयुक्त सचिन यादव का हाथ पकड़कर हॉल में खींचा और उन्हें बाहर नहीं जाने देने के लिए जबरदस्ती की, इसी धक्का-मुक्की के बीच कुछ पार्षदों ने आयुक्त व सभापति को रेस्क्यू कर उनके कमरे तक पहुंचाया ।बैठक के शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष श्रीमती बबीता गौड़ ने माइक संभालने के साथ ही अपने शायराना लहजे में कहा कि लगभग 485 दिन बोर्ड बने हो गए लेकिन किसी भी वार्ड में पर्याप्त कार्य नहीं हुआ है। इसके साथ ही सत्ता पक्ष के पार्षदों ने इस बातों का विरोध करना शुरू कर दिया।बैठक में इंदिरा रसोई के नाम पर भ्रष्टाचार को लेकर भी बातें कही गई। अनेक पार्षदों ने स्ट्रीट लाइटो के सुचारू रूप से नहीं चलने को लेकर भी अपनी बात कहनी चाही, लेकिन सभी बातें धरी की धरी रह गई और पूरी बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई ।हंगामे के बीच पास पास पास के नारे लगाकर 129 करोड़ का बजट 24 मिनट में ही पास करा दिया गया ।बैठक के समाप्त होने के बाद बाहर निकलते ही पार्षदों में आपस में विरोध झलकने लगा। सभापति करूना चांडक के पति अशोक चांडक से जब मनोनीत पार्षद प्रेम नायक ने अपने पार्षद होने व विकास नहीं होने की बात कही तो अशोक चांडक ने कहा कि आप तो नकली पार्षद हो असली तो वह होते हैं जो चुनकर आते हैं इस पर फिर हंगामा हो गया।अपने साथ हुई पार्षद के द्वारा बदसलूकी को लेकर आयुक्त सचिन यादव ने कहा कि इस मामले में वह कानून सम्मत कार्यवाही करेंगे।

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