जयपुर। दौसा जिले में 10 लाख की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तारी के बाद आरएएस पिंकी मीना को शुक्रवार को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। जस्टिस इंद्रजीत सिंह ने याचिका पर सुनवाई की। पिंकी को हाईकोर्ट ने 11 फरवरी को 10 दिन की अंतरिम जमानत दी थी। 

तब वे जेल से बाहर आई थी। 16 फरवरी को उन्होंने जज से शादी की थी। शादी के बाद 21 फरवरी को दोबारा कोर्ट में सरेंडर करने पर पिंकी मीणा को जेल भेज दिया गया था। तब से वह घाटगेट  महिला जेल में बंद है। पिंकी की तरफ से एडवोकेट वीआर बाजवा ने पैरवी करते हुए कहा कि मामले में एसीबी की तरफ से जांच पूरी हो चुकी है। कोर्ट में चालान भी पेश किया जा चुका है। 

वहीं एसीबी की तरफ से एडवोकेट विभूति भूषण शर्मा ने जमानत देने का विरोध किया। और कहा कि उनको जमानत देने के बजाए न्यायिक अभिरक्षा में ही रखना चाहिए, ताकि भ्रष्टाचार करने वालों के बीच कड़ा संदेश जाए। आपको बता दें कि दौसा जिले में हाइवे बनाने वाली एक कंपनी से रिश्वत में मोटी रकम मांगने का मामला सामने आया था। 

तब जयपुर मुख्यालय से दौसा गई एसीबी की टीम ने आरएएस पुष्कर मित्तल को 5 लाख रुपए और आरएएस पिंकी मीणा को कंपनी से 10 लाख रुपए की रिश्वत मांगने के मामले में गिरफ्तार किया था। इसी मामले में एसीबी ने दौसा के तत्कालीन एसपी मनीष अग्रवाल और उनके लिए दलाली करने वाले नीरज मीणा और गोपाल सिंह को भी गिरफ्तार किया था।