जयपुर. कोलकाता और अहमदाबाद के बाद हैदराबाद में भी राजस्थान पर्यटन अपना रुतबा और आकर्षण बरकरार रखा है। हैदराबाद में संपन्न हुए इंडिया इंटरनेशनल टूरिज्म मार्ट में राजस्थान पर्यटन के पवेलियन को खूब प्रशंसा मिली। पिछले दिनों कोरोना काल में 1 वर्ष के ब्रेक के बाद आयोजित कोलकाता और अहमदाबाद टीटीएफ में भी राजस्थान पर्यटन को अवार्ड मिला था। 

जबकि हैदराबाद में राजस्थान पर्यटन के उत्पादों को लेकर दक्षिण भारतीय पर्यटकों में खासी उत्सुकता देखने को मिली। राजस्थान में पर्यटन कोविड-19 गाइडलाइन की पालना करते एक बार फिर से ऊंचाई छू रहा है दिसंबर के बाद से ही प्रदेश में घरेलू पर्यटकों की आवक तेजी से बढ़ने लगी जो बदस्तूर जारी है। प्रदेश के ऐतिहासिक स्मारक, जंगल सफारी, पैलेस ऑन व्हील्स, मेले त्योहार, व्यंजन, हस्तशिल्प और इन सब सेे कहीं ज्यादा लोकप्रिय मरुधरा की मेहमान नवाजी। 

इन सभी मापदंडों पर राजस्थान पर्यटन देश भर के पर्यटकों में अनूठी छाप छोड़ी है। इसी का नतीजा है कि पहलेे ही डोमेस्टिक मार्ट में राजस्थान पर्यटन को अवार्ड मिला। कोलकाता और अहमदाबाद टीटीएफ में राजस्थान पर्यटन ने भी अपना मंडप लगाया जिसे काफी सराहना मिली। राजस्थान पर्यटन की अतिरिक्त निदेशक मनीषा अरोड़ा और संयुक्त निदेशक आनंद त्रिपाठी ने बंगाल की धरती पर रोड शो कर बंगाली व अन्य राज्यों के पर्यटकों को राजस्थान आने का निमंत्रण दिया। 

इसके बाद अहमदाबाद में आयोजित हुए ट्रैवल टूरिज्म फेयर में राजस्थान पर्यटन के मंडप को 1000 से ज्यादा ट्रैवल एजेंट्स टूर ऑपरेटर और पर्यटकों ने देखा और सराहा भी। अब हैदराबाद मेंं संपन्न हुए इंडिया इंटरनेशनल टूरिज्म मार्ट के 2 दिन के इस आयोजन मेंं 100 से अधिक b2b मीटिंग आयोजित की गई। सहायक निदेशक अजीत सिंह ने राजस्थान पर्यटन के उत्पादों की भी जानकारी दी और रोड शो किया। ध्यान रहे देश और प्रदेश में पिछले वर्ष मार्च में ही कोरोना के चलते पर्यटन गतिविधियों को बंद कर दिया गया था। 

ऐसे में दो दर्जन डोमेस्टिक मार्ट और 20 से अधिक राजस्थान में आयोजित होने वाले मेले उत्सवों को रद्द कर दिया गया था। कोरोना संकट के दौर में अकेले राजस्थान में ही पर्यटन उद्योग से जुड़े 20 लाख से ज्यादा लोग प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से बेरोजगार हो गए थे और पर्यटन उद्योग को 10 हजार करोड रुपए से अधिक का नुकसान उठाना पड़ा। 

अब कोरोना वैक्सीन भी आ चुकी है और कोरोना के तेवर भी कुछ कम हुए हैं तो राजस्थान की धरती से पारंपरिक मेला उत्सव के आयोजन की शुरुआत हो चुकी है और अब बंगाल की धरती से डोमेस्टिक टूरिज्म मार्ट शुरू होने से पर्यटन उद्योग में एक आस जगी है। 

टीटीएफ कोलकाता और अहमदाबाद के बाद अब हैदराबाद में भी राजस्थान पर्यटन शाही गाड़ी पैलेस ऑन व्हील्स, मेले उत्सव, राजस्थानी हस्तशिल्प, व्यंजन और लोक गीत नृत्य को लेकर विशेष रोड शो किया और ट्रैवल एजेंट के साथ b2b मीटिंग्स भी की। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले महीनों में दक्षिण भारतीय पर्यटकों से प्रदेश को 2 करोड़ से अधिक का टूरिज्म बिजनेस मिलेगा और पर्यटकों के आगमन में इजाफा भी होगा...