ब्यूरो रिपोर्ट  

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मोबाइल टावर लगाने के लिए उपयोग में लाई जाने वाली भूमि की दर तय कर दी है। वित्त विभाग ने इसके लिए पूर्व में जारी नोटिफिकेशन में संशोधन करते हुए नया प्रावधान जोड़ा है। इसके तहत मोबाइल टावर लगाने के लिए जो भूमि उपयोग में ली जाती है या उसे लीज पर लिया जाता है उसमें उस क्षेत्र की वाणिज्यिक दर लगेगी।


संशोधित नोटिफिकेशन के अनुसार वाणिज्यिक श्रेणी की भूमि पर ही मोबाइल टावर लगाए जा सकेंगे। यदि घरों-मकानों पर भी मोबाइल टावर लगाने हो तो उसकी भूमि की श्रेणी वाणिज्यिक में रूपांतरित करानी होगी। अभी तक यह दर निर्धारित नहीं होने से अलग-अलग शहरी निकाय वाणिज्यिक या अलग श्रेणी के हिसाब से दरें लेते थे। इससे सरकार के राजस्व बढ़ाने का उपाय भी सुनिश्चित हो सका है। वित्त विभाग में संयुक्त सचिव टीना डाबी ने यह संशोधित नोटिफिकेशन जारी किया है।