जयपुर. प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे की दो दिवसीय धार्मिक यात्रा का समापन सोमवार को हो गया और राजे वापस धौलपुर के अपने महल में पहुंच गई है...यात्रा जब शुरू हुई तो बहुत कयास बाजी हुई.. कि यह धार्मिक यात्रा है या राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन? पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपनी यात्रा के दौरान..
एक से अधिक बार इस बात पर जोर देकर कहा कि उनकी यात्रा का राजनीति से या शक्ति प्रदर्शन से कोई लेना देना नहीं है..और यह यात्रा विशुद्ध रूप से आस्था की यात्रा है.. बरहाल यात्रा हुई खूब जमावड़ा लगा.. यात्रा में सबसे खास बात यह रही.. इस यात्रा में आमजन समूह तो जुटा ही..
लेकिन लगभग ढाई दर्जन भाजपा के विधायक भी मौजूद थे.. भाजपा के विधायकों के अलावा किशनगढ़ के निर्दलीय विधायक सुरेश टांक भी यात्रा मे मौजूद रहे... नो सासंद मौजूद रहे..70 के करीब पूर्व विधायक मौजूद रहे... और 32 पूर्व भाजपा के जिलाध्यक्ष भी मौजूद रहे...
कुलमिलाकर भाजपा का एक बहुत धडा वसुंधरा राजे के साथ उनकी राजस्थान की धार्मिक यात्रा मे साथ था..इस बात से न केवल जयपुर मे भाजपा के कान खडे थे..ब्लकि केन्द्रीय भाजपा जो आलाकमान है..वो भी सजग था...बरहाल एक मजेदार वाक्या तब हुआ..
जबकि रविवार के दिन एक कहा जा रहा है गुलाबचंद कटारिया जो प्रतिपक्ष के नेता है..उन्होंने फोन करके सभी भाजपा विधायको को कहा कि वो सोमवार के दिन जयपुर पहुंचे.. क्योकी विधायकों की अनुपस्थिति से विधानसभा की कार्यवाही प्रभावित हो सकती हैं.
इसलिए सभी विधायक जल्द से जल्द जयपुर पहुंचने का प्रयास करे...बरहाल उनकी अपील कितना रंग लाई..ये गुलाबचंद कटारिया को खुद को पता है..और वो भाजपा जो की कुछ दिन पहले कांग्रेस को सदन मे कांग्रेस के विधायकों की अनुपस्थिति मे घेर रही थी..अब चुपचाप सन्नाटे मे खडी दिखाई देती हैं....


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