हनुमानगढ़. प्रदेश में शराब की दुकानों के लिए खोले जा रहे ऑक्शन अलॉटमेंट में इस बार एक अलग ही नजारा नजर आ रहा है। बेस प्राइस से कई गुना बोली लगाकर ठेकेदारों ने आबकारी विभाग को हैरत में डाल दिया है। इसकी ही एक बानगी कल हनुमानगढ़ में हुई ई- ऑक्शन अलॉटमेंट में देखने को मिली। यहां दो महिलाओं के बीच बोली को लेकर हुई प्रतिद्वंदिता ने बेस प्राइस से लगभग 708 गुना अधिक राशि पर बोली पहुंचा दी जो दुकान पिछले साल में 65 लाख में बिकी थी। 

वह इस बार 72 लाख से शुरू होकर 510 करोड रुपए पर जाकर रुकी। बोली की इस  प्रतिस्पर्धा को देखकर विभाग के अधिकारी भी हैरत में पड़ गए। उन्होंने आखरी बोली लगाने वाली किरण कंवर को बोली की 2% राशि जमा कराने के हाथों हाथ नोटिस जारी कर दिए और इसके लिए 3 दिन का समय दे दिया। अगर बोली दाता 3 दिन की अवधि में यह राशि जमा नहीं कराती तो उसे हमेशा के लिए शराब ठेकों की नीलामी से ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा। 

आपको बता दें कि इस बार ठेकेदार ऑनलाइन प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं और उन्होंने एक सोची-समझी रणनीति भी अपनाई है। राजकाज न्यूज़ के हनुमानगढ़ संवाददाता विश्वास कुमार ने जब इस मामले की जांच पड़ताल की तो सामने आया कि इस खेल के पीछे ठेकेदारों की सोची समझी रणनीति काम कर रही है। ठेकेदार खुद आगे बढ़कर बेस प्राइस से कई गुना राशि अधिक की बोली लगा रहे हैं और अगर भी राशि नहीं जमा कराते तो उन पर अधिकतम लगभग डेढ़ लाख रुपए की पेनल्टी लगेगी। 

जो उनके लिए जमा करा ना कोई बड़ी बात नहीं यदि। वह जमा नहीं कराते हैं तो विभाग को दोबारा उस दुकान के लिए यह प्रक्रिया अपनानी पड़ेगी और ठेकेदारों की मंशा भी यही है कि सरकार की  ये ई-आक्शन अलाटमेंट की नीति फैल हो जाए। आपको बता दें कि आबकारी विभाग से राज्य सरकार को भारी-भरकम राजस्व की प्राप्त होती है और सरकार राजस्व के मामले में शराब की दुकानों पर काफी हद तक निर्भर है। 

हनुमानगढ़ से विश्वास कुमार की खबर...