जयपुर. पूर्व उपराष्ट्रपति राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत को सिविल लाइंस में आवंटित किए सरकारी बंगले को खाली करवाने के लिए सरकार ने उनके दत्तक पुत्र को नोटिस थमाया है.. इस नोटिस के साथ ही सरकार ने 54.30 लाख रुपए का मांग पत्र भी दिया है.. स्व. शेखावत को उपराष्ट्रपति होने के नाते सिविल लाइंस में 14 नंबर बंगला आवंटित किया था. शेखावत के निधन के बाद उनकी पत्नी अधिकृत रूप से इस बंगले में रह रही थीं और उनका भी बाद में निधन हो गया.. लेकिन यह बंगला अब तक खाली नहीं हुआ है..
बंगले में भाजपा विधायक नरपत सिंह राजवी के पुत्र विक्रमादित्य सिंह रहते हैं.. विक्रमादित्य को भैरोसिंह शेखावत ने गोद लिया था...संपदा अधिकारी और एडीएम ने 7 अक्टूूबर 2019 को इस आवास को 15 दिन में खाली करने का नोटिस दिया था... इस आदेश के खिलाफ सेशन कोर्ट में अपील की गई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था... अब सरकार ने नोटिस की तारीख से 10 हजार रुपए प्रति दिन का किराया जोड़ते हुए विक्रमादित्य को 54 लाख 30 हजार रुपए का बकाया जमा करवाकर बंगला खाली करने के लिए कहा है...
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बंगला खाली करने के आदेश दिए थे। बाद में राज्य सरकार ने राजकीय बंगले को सामान्य प्रशासन विभाग के पूल से हटाकर विधानसभा पूल में डाल दिया था..विधानसभा से वरिष्ठ विधायक के नाते आवंटित किया था..इसी तरह से पूर्व स्पीकर कैलाश मेघवाल को भी सिविल लाइन्स में बंगला आवंटित किया था...
बतादे कि भाजपा विधायक राजवी ने भी पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के फोर्मूले की तर्ज पर बंगला आवंटन के लिए राज्य सरकार को पत्र लिखा था, लेकिन सरकार ने राजवी के इस प्रस्ताव पर कोई निर्णय नहीं किया है..


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