किसान आंदोलन के सूत्रधार किसान नेता राकेश टिकैतके भरतपुर आगमन पर नगर निगम के उप मेयर गिरीश चौधरी की अगुवाई में जिले के किसान नेताओं ने उनका स्वागत सम्मान किया गया। इस मौके पर राकेश टिकेत ने किसानों से आन्दोलन पर चर्चा की।आपको बता दें कि प्रदेश के करोली जिले में कृषि विधेयकों के विरोध में किसान सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।
किसान नेता टिकैत इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए जाते समय रात्रि विश्राम के लिए भरतपुर रूके। इस मौके पर राकेश टिकैत से किसानों ने आन्दोलन को लेकर चर्चा की। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता एवं किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि केन्द्र सरकार को तीनों कृषि विधेयकों को वापस लेना ही होगा। जब तक केन्द्र सरकार इन कृषि विधेयकों को वापस नहीं लेगी तब तक किसान आन्दोलन समाप्त नहीं करेंगे। उन्होने कहा कि केन्द्र सरकार खुद ही नहीं चाहती कि किसानों का यह आंदोलन समाप्त हो इसलिए वार्ताओं का नतीजा नहीं निकल पा रहा है।
इसके बावजूद किसान सरकार से वार्ता को तैयार हैं। उन्होने कहा कि सरकार के कृषि कानून किसानों के साथ साथआम उपभौक्ताओं के लिए नुकसानदायक है। इन कृषि कानूनों से सिर्फ कुछ पूंजीपतियों को फायदा मिलेगा। इसलिए हम इन कृषि कानूनों की वापसी तक आंदोलन करने के लिए तैयार हैं। वहीं पिछले काफी समय से चल रहे आन्दोलन को लेकर उन्होने कहा कि उन्है भी नहीं पता कि इसमें कितना समय लगेगा।
आजादी का आंदोलन भी कई सालों तक साल तक चला था इसलिए किसान भी पूरी तैयारी के साथ हैं। उन्होने कहा कि सरकार के कृषि कानूनों में कई ऐसे बिन्दु हैं, जो किसानों के खिलाफ हैं। उन्होंने सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य कानून बनाए जाने की मांग की। साथ ही कहा कि सरकार व्यापारियों का पक्ष ले रही है। देश भर में गोदाम बना लिए गए हैं। केंद्र और भाजपा सरकार आंदोलन को बांटने के लिए कभी इसे एक-दो स्टेटों का, सरदारों का, विपक्ष का और अब जाटों का आन्दोलन कहती है।


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