जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।  

लंबे समय बाद आखिरकार वसुंधरा गुट के नेता देवी सिंह भाटी की आज बीजेपी में वापसी हो गई। रात 10 बजे भाटी, श्रवण कुमार चौधरी, भागचंद सैनी, बीएल रिणवां भाजपा में शामिल हुए। बीजेपी प्रदेश कार्यालय में प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी, नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, प्रभारी अरूण सिंह और प्रदेश चुनाव प्रभारी प्रह्लाद जोशी ने पार्टी जॉइन कराई।

इस मौके पर भाटी ने कहा कि 5 साल बाद मेरी भाजपा में वापसी हुई है। पार्टी ने मुझे गले लगाया है। किन्हीं परिस्थितियों के चलते कुछ बिंदुओं पर मैं अलग हो गया था। मेरी वरिष्ठ पदाधिकारियों से चर्चा हुई। जो भी गिले शिकवे थे, वो दूर हो गए हैं। केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल से भी मेरी बात हो गई है। हम दोनों संतुष्ट हैं। हम मिलकर 2023 में भाजपा की सरकार बनाएंगे।


प्रदेश बीजेपी मुख्यालय में जुटे नेता

भाटी के साथ ही पार्टी जॉइन करने वालों में भागचंद सैनी बांदीकुई से भाजपा के प्रत्याशी रहे हैं। सीएलसी कोचिंग के डायरेक्टर श्रवण चौधरी और सीकर के गेटवैल हॉस्पिटल के डॉ बीएल रिणवां ने भी भाजपा का दामन थामा।

भाटी ने साल 2019 में छोड़ी थी बीजेपी

देवी सिंह भाटी ने साल 2019 के लोकसभा चुनावों में बीकानेर से अर्जुनराम मेघवाल को प्रत्याशी बनाए जाने से नाराज होकर पार्टी छोड़ दी थी। जिसके बाद उन्होंने खुलकर मेघवाल के खिलाफ प्रचार भी किया था। लंबे समय से उनके फिर से पार्टी में लौटने की चर्चा चल रही थी। आखिरकार आज देवी सिंह भाटी की घर वापसी हो गई।

साल 1980 से लगातार 7 बार विधायक रह चुके हैं भाटी
देवी सिंह भाटी साल 1980 में कोलायत विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक चुने गए थे। उसके बाद से वे 2008 तक लगातार इस सीट से विधायक चुनकर आए थे। 2013 में वे चुनाव हार गए थे। 2018 में बीजेपी ने उनकी पुत्रवधू पूनम कंवर को टिकट दिया था, लेकिन वो भी कांग्रेस के प्रत्याशी भंवर सिंह भाटी से चुनाव हार गई थी। इसी चुनाव में देवी सिंह भाटी ने केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल पर आरोप लगाया था कि उन्होंने उनकी पुत्रवधू के खिलाफ कैंपन करके चुनाव हरवाया है।

वसुंधरा राजे के माने जाते हैं कट्टर समर्थक
देवी सिंह भाटी पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के कट्टर समर्थक माने जाते हैं। भाटी ने दो माह पहले ही वसुंधरा के पक्ष में बयान देते हुए कहा था कि जब तक राजे को लीडरशिप नहीं दी जाती तब तक उनके कार्यकर्ताओं को भाजपा में मान-सम्मान नहीं मिलेगा। वे तीसरे मोर्चे की संभावना तलाशने के लिए जोधपुर पहुंचे थे। यहां सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत में कहा था कि तब तक भाजपा में नहीं जाऊंगा, जब तक राजे को कमान नहीं दी जाती है।

अभी तक कई दिग्गज कर चुके हैं बीजेपी जॉइन
विधानसभा चुनाव से पहले अब तक कई दिग्गज बीजेपी का दामन थाम चुके हैं। पूर्व सांसद सुभाष महरिया ने 19 मई को कांग्रेस छोड़कर बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की थी। कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ पहाड़िया के बेटे ओम प्रकाश पहाड़िया, पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के पारिवारिक सदस्य और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य विजेंद्र सिंह शेखावत ने 12 जून को बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की थी।

23 जुलाई को 17 नेताओं ने भाजपा जॉइन की थी। इसमें कांग्रेस-माकपा नेताओं के अलावा पूर्व IAS-IPS भी शामिल थे। वसुंधरा सरकार के खिलाफ आंदोलन करने वाले CPM के पूर्व विधायक पवन दुग्गल भी 'भगवाधारी' हो गए। उन्होंने अपनी पत्नी रानी दुग्गल के साथ बीजेपी जॉइन की थी।

रिटायर्ड न्यायाधीश भाजपा में हो चुके शामिल
12 अगस्त को कई रिटायर्ड प्रशासनिक, न्यायिक अधिकारियों सहित कर्मचारी नेता और गुर्जर समाज के दिग्गज नेताओं ने भी भाजपा का दामन थामा था। इनमें रिटायर्ड जज किशन लाल गुर्जर, पूर्व पुलिस महानिदेशक मध्यप्रदेश पवन कुमार जैन, अनिता कटारा, युगवीर पटेल, कृषि निदेशक सुभाष सिंह, अतर सिंह गुर्जर, सुशीला खैरवा, सीएम अशोक गहलोत के पूर्व ओएसडी महेंद्र शर्मा, पूर्व विधायक मोतीलाल खरेरा, गोपीचंद गुर्जर, मृदुरेखा चौधरी, प्रोफेसर भरत सिंह, डॉ. दिनेश यादव बीजेपी में शामिल हुए थे।