ईआरसीपी (ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्राेजेक्ट) के तहत राजस्थान के पहले डेम ‘नाैनेरा बैराज’ का काम 80 फीसदी तक हाे चुका है। काम 13 अक्टूबर 2022 तक पूरा हो जाना था, लेकिन कोविड की वजह से एक साल की देर हो गई। अब डेडलाइन 13 अक्टूबर 2023 है। इटावा क्षेत्र में बन रहे बैराज के गेट पर हाइड्रोलिक सिलेंडर लगाए जाएंगे, जो नीदरलैंड से 15 मई को रवाना हो चुके हैं और 25 जून तक साइट पर पहुंचने की उम्मीद है।
27 में से 25 गेट पर गर्डर डल चुके, 2 पर काम चल रहाहाइड्रोलिक सिलेंडर की बदौलत गेट बटन दबाते ही खुल जाएंगे और बंद भी हाे जाएंगे। राजस्थान में यह टेक्नीक दूसरी बार किसी डेम में उपयाेग हो रही है। इससे पहले झालावाड़ में कालीसिंध पर बने डेम में भी ये सिलेंडर लगे हैं। प्रत्येक सिलेंडर की कीमत 1 करोड़ से ज्यादा है। प्रोजेक्ट 1316 करोड़ का है, जिसमें पहला वर्कऑर्डर करीब 600 करोड़ का दिया गया है। साइट पर काम कर रहे एईएन दूलीचंद परनामी ने बताया कि 27 में से 9 गेट बन चुके हैं, 16 गेट बनने हैं। 25 गेट पर गर्डर डल चुके हैं, 2 पर इसी माह डालने की तैयारी है। टीबीएल (टाॅप बैंक लेवल) पर दांई तरफ काम चल रहा है, बांई तरफ बारिश के बाद हाेगा। अगले मानूसन में इस बैराज काे भरा जा सकेगा।
नाैनेरा बैराज का काम करीब 80 फीसदी पूरा हाे चुका है। इसमें नीदरलैंड से हाइड्राेलिक सिलेंडर आ रहे हैं। डेम में इस बार भराव नहीं हाेगा और इसका काेई औचित्य भी नहीं हैं, जब तक कि बड़ाैद पर पुल और अन्य दूसरे काम नहीं हाे जाते। डेडलाइन के हिसाब से काम की रफ्तार पूरी चल रही है।
-आरके जैमिनी, अधीक्षण अभियंता, जल संसाधन विभाग



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