भीलवाड़ा ब्यूरो रिपोर्ट।
देश में उत्पादित खनिज तेल में करीब 20 फीसदी उत्पादन राजस्थान से हाे रहा है। हालांकि देश में पेट्राेलियम की जितनी खपत है, उसका 16 प्रतिशत ही उत्पादित हाे रहा है। बाकी तेल आयात करना पड़ता है। इस बीच अच्छी खबर यह है कि पेट्राेलियम विभाग ने प्रदेश के ऐसे नए क्षेत्र चिह्नित किए हैं, जहां पेट्राेलियम व प्राकृतिक गैस के संभावित भंडार हैं। पेट्राेलियम विभाग ने वर्ष 2023-24 की सालाना रिपाेर्ट में जिक्र किया है कि प्रदेश में चार ऐसे क्षेत्र हैं जहां पेट्राेलियम के संभावित भंडार है।
इसमें विध्यन बेसिन में काेटा, झालावाड़, बारां व अंशत: बूंदी, चित्ताैड़गढ़ व भीलवाड़ा काे शामिल किया है। यह ऐसे क्षेत्र है जहां अन्वेषण कार्य हाेने पर पेट्राेलियम पदार्थाें के भंडार मिल सकते हैं। अभी यह एरिया ऐसा हैं जहां सबसे ज्यादा खनन हाेता है। भीलवाड़ा में लेड-जिंक, आयरन ओर, ग्रेनाइट, मार्बल, सेंड स्टाेन का खनन हाे रहा है। वहीं चित्ताैड़गढ़ में लाइम स्टाेन के कारण सीमेंट फैक्ट्रियां है। अब इस क्षेत्र में िवभाग ने पेट्राेलियम की संभावना भी जताई है। इसकी जांच के लिए भूकंपीय सर्वे भी कराया जा सकता है।
इन चार क्षेत्राें में पेट्राेलियम के भंडार
- राजस्थान शेल्फ-जैसलमेर बेसिन : जैसलमेर व अंशत बीकानेर
- बाड़मेर-सांचाेर बेसिन : बाड़मेर व अंशत जालाैर
- बीकानेर-नागाैर बेसिन : बीकानेर, नागाैर, गंगानगर व चुरू
- विध्यन बेसिन : काेटा, झालावाड़, बारां व अंशत बूंदी, भीलवाड़ा व चित्ताैड़गढ़
प्रदेश में 11 पेट्राेलियम खनन पट्टे सक्रिय, प्रतिदिन एक लाख बैरल खनिज तेल का उत्पादन
प्रदेश में लगभग 97 हजार से एक लाख बैरल प्रतिदिन खनिज तेल का उत्पादन हाे रहा है। अभी सरकार ने 60 हजार वर्ग किलाेमीटर एरिया तेल एवं गैस अन्वेषण के लिए चिह्नित किया है। वर्तमान में 16 पीईएल (पेट्राेलियम अन्वेषण अनुज्ञा पत्र) ब्लाॅक राजस्थान में तेल तथा गैस अन्वेषण के लिए स्वीकृत है। अभी 11 पीएमएल (पेट्राेलियम खनन पट्टा) में दाेहन कार्य चल रहा है। इससे करीब चार हजार कराेड़ का राजस्व मिलता है। वहीं अब नए क्षेत्र काे भी इन बेसिन में शामिल किया है।
अन्वेषण: 10 ब्लाॅक में चल रही पेट्राेलियम की खाेज अभी प्रदेश में पेट्राेलियम एक्सप्लाेरेशन लाइसेंस के 10 ब्लाॅक हैं, जिसमें बाड़मेर-सांचाेर बेसिन के 8 तथा बीकानेर-नागाैर बेसिन के दाे ब्लाॅक शामिल हैं। वेदांता लिमिटेड काे 8 तथा ऑयल इंडिया लिमिटेड काे 2 ब्लाॅक पेट्राेलियम अन्वेषण के लिए दे रखे हैं। इन ब्लाॅक में हाे रहे अन्वेषण में पेट्राेलियम का बड़ा भंडार मिलने के संकेत है। इसके बाद जिन बेसिन में जाे ब्लाॅक है वहां अन्वेषण की तैयारी हाेगी।
देश में उत्पादित खनिज तेल में करीब 20 फीसदी उत्पादन राजस्थान से हाे रहा है।विभाग ने उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रदेश के नए क्षेत्र भी चिह्नित किए हैं, जहां पेट्राेलियम व प्राकृतिक गैस के संभावित भंडार है। विध्यन बेसिन में काेटा, झालावाड़, बारां जिला है तथा अंशत बूंदी, भीलवाड़ा व चित्ताैड़गढ़ जिला शामिल है। यहां भी आने वाले समय में पेट्राेलियम उत्पाद की संभावनाएं तलाशेंगे।-डाॅ. सुबाेध अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव, खान एवं पेट्राेलियम विभाग


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