जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।  

राजस्थान में विधानसभा चुनाव से पहले जयपुर बम ब्लास्ट के आरोपियों की रिहाई को बीजेपी ने चुनावी मुद्दा बना दिया है। आज जयपुर में बीजेपी की ओर से ब्लास्ट पीड़ितों और उनके परिवार के साथ कैंडल मार्च निकाला। बीजेपी का कैंडल मार्च रामलीला मैदान से शाम 6.45 बजे शुरू हुआ। जो सांगानेरी गेट हनुमान मंदिर खत्म होगा, जहां बम ब्लास्ट हुआ था। इसके लिए बीजेपी के सभी देने सबसे पहले रामलीला मैदान में जुटे। जहां स्टेज पर सिर्फ बम ब्लास्ट के पीड़ित मौजूद रहे। बीजेपी नेता भी नीचे बैठे।

रामलीला मैदान लोगों को संबोधित करते हुए अरुण चतुर्वेदी ने कहा- कांग्रेस सरकार के सही से पैरवी नहीं करने चलते हाईकोर्ट से आरोपियों को रिहाई मिली। क्योंकि सरकार की ओर से कोर्ट में मजबूत पैरवी नहीं की गई। बीजेपी पीड़ित परिवार की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ेगा। हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। आरोपियों को सजा दिलाकर रहेंगे। इस मौके पर पीड़ित परिवारों ने भी सरकार से दोषियों को सुप्रीम कोर्ट से सजा दिलवाने की मांग की।

नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा- जयपुर की जनता के दिल से बद्दुआ निकली है। राजस्थान की कांग्रेस सरकार को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। जब राजस्थान में बीजेपी की सरकार बनेगी। हम बम ब्लास्ट पीड़ितों के लिए आर्थिक पैकेज लेकर आएंगे। ताकि इन बेसहारा परिवारों को जीवन यापन करने में मदद मिल सके।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी ने कहा- 1200 सरकारी गवाहों ने सबूत दिए थे कि ब्लास्ट के आरोपियों ने यहां बम रखा था। कांग्रेस की लापरवाही से आरोपियों को रिहाई मिल गई।

कार्यक्रम से पहले पार्टी ऑफिस में बात करते हुए बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्र प्रकाश जोशी (सीपी जोशी) ने कहा- राजस्थान की कांग्रेस सरकार तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है। एक और कोटा में पीएफआई का जुलूस निकलता है। उस पर कोई प्रतिबंध नहीं है। वहीं, रामनवमी का जुलूस निकलता है। उस पर प्रतिबंध लगाया जाता है। सरकार बचाने के लिए कांग्रेस के नेता सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट खड़े कर देते हैं। जयपुर बम ब्लास्ट मामले में कांग्रेस ने एक भी वकील को खड़ा नहीं किया। आखिर किसके दबाव में किसके प्रभाव में और किसको खुश करने के लिए सरकार इस तरह के फैसले ले रही है। यह बात जनता भी समझ गई है। ऐसे में राजस्थान की जनता आने वाले चुनाव में कांग्रेस को करारा जवाब देगी।

बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने कहा- कांग्रेस सरकार अपनी तुष्टीकरण की राजनीति से बाज नहीं आ रही है। आरोपियों की रिहाई के 16 दिन बाद भी सुप्रीम कोर्ट में कोई एसएलपी दायर नहीं की गई है। ऐसे में अब बीजेपी बम ब्लास्ट के मृतकों के परिजन और घायलों के लिए सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर करेगी। इसके लिए पेपर वर्क भी शुरू कर दिया गया है। जल्द ही बम ब्लास्ट के आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में लड़ाई लड़ेगी।

जयपुर सीरियल ब्लास्ट का मामला एनआईए को ट्रांसफर नहीं किया गया

चतुर्वेदी ने कहा- 2008 में देश में जगह-जगह बम ब्लास्ट और आंतक की चार घटनाएं हुई थी। समझोता एक्सप्रेस की घटना, मालेगांव कांड, हैदराबाद मक्का मज्जिद का मामला और अजमेर दरगार ब्लास्ट ऐसे चार मामले हुए। उसके बाद जयपुर में सीरियल बम बलास्ट भी हुआ। चारों आतंकी हमलों की जांच एनआईए को ट्रांसफर कर दिए जाते है। जो सेन्ट्रल एंजेंसी है। लेकिन जयपुर सीरियल ब्लास्ट का मामला एनआईए को ट्रांसफर नहीं किया गया।

चतुर्वेदी ने कहा कि पिछले 4 साल में आतंकियों से संबंध रखने वाले PFI जैसे संगठनों को सरकार रैली निकलने दे रही है। उसी का नतीजा है कि उदयपुर में कन्हैया लाल हत्याकांड जैसी आतंकी घटनाएं हुई है। राजस्थान कि जनता कांग्रेस की तुष्टिकरण नीति का खामियाजा भुगत रही है। ऐसे में आने वाले चुनाव में वोट की चोट से कांग्रेस को करारा जवाब देगी।