कोटा ब्यूरो रिपोर्ट।
राज्य को दूसरी वंदे भारत ट्रेन कोटा से अप्रैल के अंत या मई के पहले सप्ताह में मिल सकती है। रेलवे प्रशासन इसकी तैयारियां कर रहा है। ट्रेन संचालन को लेकर कोटा रेल मंडल के लगभग 20 लोको पायलट, 42 मैकेनिकल कर्मचारी व बिजली विभाग के 12 कर्मचारियों ने ट्रेन के संचालन, रखरखाव व बिजली संबंधी समस्याएं दूर करने का प्रशिक्षण गाजियाबाद जोनल ट्रेनिंग सेंटर, आईसीएफ चैन्नई व दिल्ली शकूर बस्ती में लिया है।
उल्लेखनीय है कि राज्य की पहली वंदे भारत अजमेर-दिल्ली वाया जयपुर चल चुकी है। कोटा के रेलवे अधिकारी ट्रेन के रखरखाव के लिए गोल्डन पिट लाइन सहित अन्य स्थानों पर व्यवस्थाएं करने में जुटे हैं। साथ ही शेड के लिए भी जगह देखने लगे हैं, ताकि एनुवल अनुरक्षण किया जा सके।
कोटा से वंदे भारत हजरत निजामुद्दीन, दिल्ली, कोटा से अहमदाबाद व इंदाैर-जयपुर वाया कोटा होकर चलाई जा सकती हैं। उदयपुर से जयपुर भी वंदे भारत चलाई जा सकती है। इंदाैर व जयपुर के बीच वंदे भारत ट्रेन चलने से दो राज्य राजस्थान व मध्यप्रदेश दोनों जुड़ेंगे। कोटा रेल मंडल में ही वंदे भारत ट्रेन के अपग्रेड रैक का सफल ट्राॅयल हुआ था।
कोटा आएगा 16 कोच का रैक, गोल्डन पिट लाइन पहले से, ओएचई लगा रहे हैं
वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का 16 कोच का रैक कोटा आने की उम्मीद है। इसके बारे में अधिकारियों को तैयारियां करने को कहा गया है। अधिकारियों ने इसे देखते हुए यार्ड में तैयारियां शुरू कर दी हैं। गोल्डन पिट लाइन वहां पहले से तैयार हैं। वहां ओएचई लगाई जा रही है।
खासियत : वंदे भारत ट्रेन के इंजन में काफी तकनीकी बदलाव हैं। ट्रेन के दोनों तरफ इंजन लगे हैं। इंजन में चार कैमरे लगे हैं। जिसमें एक-एक दोनों साइड में, एक सामने वाले हिस्से में लगा है। इंजन के कैब में दो बटन लगे हैं जिनसे कोच के दरवाजे बंद रखे जा सकते हैं।
इंजन में वैकल्पिक व्यवस्था है, ताकि ट्रेन रास्ते में जंगल में खड़ी नहीं हो सकेगी। जब ट्रेन गंतव्य तक पहुंच जाएगी तब लोको पायलट कैब से उतरकर ट्रेन के पीछे की तरफ चला जाएगा और वहां पहले से दूसरे लगे इंजन पर जाकर कैब में बैठ जाएगा।


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