अजमेर ब्यूरो रिपोर्ट।
अजमेर के महर्षि दयानंद सरस्वती (MDS) यूनिवर्सिटी का पेपर एक बार फिर लीक हुआ है। बुधवार को बीएससी थर्ड ईयर बॉटनी व फिजिक्स के पेपर होने थे। परीक्षा शुरू होने से 15 मिनट पहले ही पेपर वॉट्सऐप पर आ गया। जो पेपर वॉट्सऐप पर आया, वही पेपर परीक्षा केंद्रों में स्टूडेंट्स को दिए गए थे। इसकी शिकायत पुलिस महानिरीक्षक अजमेर रेंज से शिकायत की गई है। फिलहाल यूनिवर्सिटी प्रशासन इसको पेपर लीक नहीं मान रहा है। एग्जामिनेशन कंट्रोलर सुब्रतो दत्ता का कहना है कि 15 मिनट पहले सेंटर पर पेपर खोलने का नियम है। अगर इससे पहले वॉट्सऐप ग्रुप पर आने के सबूत मिलते हैं तो पेपर लीक माना जाएगा।
प्रशासन लगातार कर रहा अनदेखी
MDS यूनिवर्सिटी के अधीन चार जिलों (अजमेर, टोंक, नागौर व भीलवाड़ा) में करीब 350 कॉलेज हैं। इनमें तीन लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स पढ़ रहे हैं। यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष भगवानसिंह चौहान ने कहा- बुधवार को बॉटनी व फिजिक्स के पेपर दोपहर तीन बजे से होने थे। ढाई बजे पेपर लीक होने की बात आ गई थी। दोनों परीक्षा के पेपर मुझे करीब 2.48 बजे ही वॉट्सऐप पर भेजे गए। पूर्व में कई बार पेपर लीक को लेकर प्रशासन को जानकारी दी। प्रशासन लगातार अनदेखी करता रहा। अब फिर पेपर लीक की बात सामने आई है। प्रशासन को शिकायत दी है।
यूनिवर्सिटी के अंतर्गत आने वाले सम्राट पृथवीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय अजमेर कॉलेज के स्टूडेंट अंकित घारू ने बताया- जो पेपर वॉट्सऐप पर मिला है, वो ही एग्जाम में आया है। ये पेपर आधे घंटे पहले ही बच्चों के पास थे। इसकी जांच होनी चाहिए। परीक्षा रद्द करनी चाहिए।
भविष्य से खिलवाड़
MDS यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक सुब्रतो दत्ता ने कहा- जो बच्चे ईमानदारी से पढ़ते हैं, उनके लिए तो पेपर लीक हो जाना गलत ही है। उनके भविष्य से खिलवाड़ है। एग्जाम से पांच मिनट पहले शिकायत मिली थी। इसके लिए पुलिस महानिरीक्षक अजमेर रेंज से मुलाकात कर पूरी स्थिति बताई है। अगर कोई बदमाशी कर रहा है तो जांच की जाएगी। दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
पिछले साल भी लीक हुआ था पेपर
पिछले साल भी MDS यूनिवर्सिटी का पेपर लीक हुआ था। इस बात को यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भी मान लिया था। प्रशासन ने अपने स्तर पर जांच शुरू करने के साथ ही अजमेर पुलिस महानिरीक्षक (IGP) को भी कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था।


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