झुंझुनू ब्यूरो रिपोर्ट।
पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने सोमवार को एक बार फिर सीएम अशोक गहलोत और पूर्व सीएम वसुंधरा राजे पर निशाना साधा। पायलट ने कहा कि जनता से किए गए वादे आज तक पूरे नहीं हुए हैं, ऐसे में चुनाव के वक्त किस मुंह से वोट मांगने जाएंगे। सचिन सोमवार को झुंझुनूं जिले के खेतड़ी में टीबा गांव में शहीद की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम के बाद हुई सभा में बोल रहे थे।
पायलट ने कहा कि मैं विरोध करता हूं तो ऐसा करता हूं कि धुआं निकाल देता हूं, लेकिन भाषा पर कभी संयम नहीं खोया। मुंह से जो शब्द निकल गया वह वापस नहीं आता। मैंने हमेशा वैचारिक, राजनीतिक, प्रशासनिक विरोध किया तो सड़कों पर उतरे, धरने दिए, जेल गए, अनशन किए, लेकिन कभी गलत शब्दों का प्रयोग नहीं किया।
वसुंधरा राजे मुख्यमंत्री रहीं, मेरे से बड़ी हैं, लेकिन राजनीतिक टकराव होता था तो बराबर का होता था उन्हें हराकर आते थे, लेकिन अपशब्दों का प्रयोग करना, ओछी भाषा का इस्तेमाल करना यह मैंने न कभी किया है और न आगे करने वाला हूं। पायलट ने कहा कि मैंने अपने भाषणों में कभी मर्यादा को लांघा नहीं। मैं कभी इधर-उधर नहीं होता। क्योंकि मेरे संस्कार ही बचपन से हैं कि बड़ों का आदर कीजिए, उन्हें मान-सम्मान दीजिए। मैंने हमेशा बड़ों का आदर किया है। मुद्दों, सिद्धांतों और जुबान से किए वादों को लेकर न पहले समझौता किया है और न आगे करेंगे।
अनशन को एक सप्ताह हो गया, कोई कार्रवाई नहीं हुई
पायलट ने कहा कि जो बातें मैंने उठाई, लिखित में उठाई। कुछ दिन पहले अनशन किया, किस बात को लेकर किया, हम लोगों ने चुनावों में वादे किए थे। हम भ्रष्टाचार के साथ कोई समझौता नहीं कर नहीं सकते। इस प्रदेश का नौजवान स्वच्छ राजनीति चाहता है। बीजेपी राज के करप्शन की जांच हो इस मांग को लेकर मैंने एक दिन का अनशन किया। मैंने किसी का विरोध नहीं किया। मैंने शालीनता से मांग की। एक सप्ताह हो गया, कोई कार्रवाई हुई नहीं। सचिन ने कहा कि बीजेपी राज के करप्शन पर जो कार्रवाई होनी चाहिए थी, वह हुई नहीं। जो प्रदेश के लोगों की जेब पर डाका डालेगा, उसकी जांच करो और जेल भेजो हम सब उसका स्वागत करते हैं। जिनके खिलाफ भाषण देकर और कार्रवाई का आश्वासन करके वोट लिया था,हमें वो वादा भी पूरा करना पड़ेगा।
सबसे पहले कांग्रेस के लिए वोट मांगने खड़ा होता हूं
पायलट ने कहा- लोग हमारी जुबान पर विश्वास करते हैं और वोट देते हैं। उत्तर भारत में जहां-जहां बीजेपी की सरकार है, सबसे पहले कांग्रेस के लिए वोट मांगने खड़ा होता हूं। पिछले 25 साल में जो पार्टी ने जिम्मेदारी दी उसे निभाया।
वीरांगना मामले को लेकर साधा निशाना
पायलट ने कहा कि किसान और जवान की बदौलत ही खेतड़ी (झुंझुनूं) का नाम पूरे हिंदुस्तान में है। शहीद श्योराम गुर्जर ने पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड कामरान गाजी को ढेर किया। देश के लिए बहुत बहादुरी का काम किया। इसके बावजूद वीरांगना को आज तक सरकारी नौकरी नहीं दी गई। सरकारी नौकरी को लेकर वीरांगना को चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। यह बड़े दुख की बात है। देश के लिए प्राणों की आहुति देने वाले लोगों के लिए नियम कायदे बदलने भी पड़े तो सरकार को बदलना चाहिए।
गुढ़ा बोले- पावर को सीएम ने सेंट्रलाइज किया
सैनिक कल्याण मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने कहा कि शहीद वीरांगना को नौकरी नहीं मिलना दुख की बात है। सैनिक कल्याण मंत्री होने के बावजूद वीरांगना को नौकरी नहीं दिला पा रहे। वर्तमान सरकार में लाचार हैं। उन्होंने कहा कि खेतड़ी के विधायक सीएम सलाहकार हैं, लेकिन एक सिपाही का ट्रांसफर भी नहीं करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि उनके हाथ में पावर होती तो वे शहीद के पूरे परिवार को नौकरी लगा देते और वीरांगना को भटकना नहीं पड़ता। उन्होंने कहा- पूरे पावर को मुख्यमंत्री ने सेंट्रलाइज कर रखा है। यदि कोई मुख्यमंत्री से किसी मामले की जांच करवाने की मांग करते हैं, तो उन्हें अनुशासनहीनता पर कार्रवाई करने की धमकियां दी जा रही हैं।


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