जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।  

सीनियर टीचर भर्ती पेपर लीक मामले में गिरफ्तार सरगना अनिल मीणा उर्फ शेर सिंह मीणा की गर्लफ्रेंड अनिता के घर से 19.50 लाख रुपए बरामद हुए हैं। इसके लिए शनिवार को स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की टीम झुंझुनूं गई थी। वहां जमीन की खुदाई करने पर मटका मिला। रकम उसी मटके में रखी हुई थी। SOG लगातार शेर सिंह से पूछताछ कर रही है। 17 अप्रैल तक कई और बड़े खुलासे का दावा किया जा रहा है।

रिमांड पर है माफिया
ADG (एटीएस/एसओजी) अशोक राठौड़ ने बताया- पेपर लीक का इनामी वांटेड शेर सिंह रिमांड पर चल रहा है। उसी ने बताया था कि पेपरलीक से कमाए गए 19.50 लाख रुपए झुंझुनूं के भामरवसी बगड़ स्थित अनिता के घर में गाड़ दिए हैं। 6 अप्रैल को शेर सिंह को गिरफ्तार किया गया था। शेर सिंह मीणा पर एक लाख रुपए का इनाम था। आबूरोड (सिरोही) के स्वरूपगंज के भावरी गांव स्थित सरकारी स्कूल में वॉइस प्रिंसिपल रहे शेर सिंह मीणा को SOG टीम पेपर लीक मामले में ढूंढ रही थी। 2 अप्रैल को उसकी गर्लफ्रेंड अनिता को जयपुर से अरेस्ट किया गया था। अनिता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की सी-स्कीम, जयपुर ब्रांच में डिप्टी मैनेजर के पद पर तैनात थी।

अनिता वांटेड शेर सिंह के टच में थी। अनिता की गिरफ्तारी के बाद ओडिशा में दबिश देकर शेर सिंह को पकड़ा गया। ओडिशा के कालाहांडी जिले के भवानी पट्‌टनम गांव में शेर सिंह एक बिल्डिंग में मजदूर के रूप में काम कर रहा था। एक करोड़ रुपए में पेपर बेचने वाले शेर सिंह दाढ़ी-मूंछ बढ़ाकर मजदूर बनकर फटे-मैले कपड़े में भेष बदलकर रह रहा था। उसे देखकर एक बार तो एसओजी टीम भी धोखा खा गई थी।

मास्टरमाइंड से पूछताछ में शेर सिंह के नाम का हुआ था खुलासा

जेल में बंद मास्टरमाइंड भूपेन्द्र सारण ने पूछताछ में बताया था कि उसने जयपुर के चौमूं निवासी शेर सिंह मीणा से पेपर खरीदा था। इसके बाद यह पेपर सुरेश ढाका को बेचा गया और ढाका ने अपने साले सुरेश बिश्नोई के सहयोग से अभ्यर्थियों को 5-5 लाख रुपए में बेचा था।

5 साल पहले गांव से दूरी बना ली

जयपुर के चौमूं में दोला का बास निवासी शेर सिंह मीणा ने करीब 5 साल पहले अपने गांव से दूरी बना ली थी। उसके दो भाई सरकारी नौकरी करते हैं। वहीं एक छोटा भाई गांव में किराना स्टोर चलाता है। गांव में शेर सिंह मीणा की मां और छोटा भाई रहते हैं।

गांव से दूरी बनाने का सबसे बड़ा कारण यह था कि कोई भी शख्स उसके सहयोगी और उसकी प्रॉपर्टी के बारे में ज्यादा जानकारी हासिल नहीं कर सके।

शेर सिंह हाल ही में आबूरोड के स्वरूपगंज के भावरी गांव में सरकारी स्कूल में वाइस प्रिंसिपल के पद पर कार्यरत था। वो लोगों को बताता था कि उसकी जान पहचान सरकार के कई मंत्री और शिक्षा विभाग के बड़े अधिकारियों से है। पेपर लीक में नाम आने के बाद उसे सस्पेंड कर दिया गया था।

ऐसे बना सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा के पेपर लीक का प्लान

शेर सिंह भावरी गांव से पहले जयपुर के फागी में स्थित सरकारी स्कूल में नौकरी करता था। उस समय पेपर लीक का आरोपी जगदीश बिश्नोई भी टीचर के पद पर कार्यरत था।

यहां दोनों में दोस्ती हो गई थी। जगदीश बिश्नोई नकल कराने वाले गिरोह भूपेंद्र सारण की गैंग से जुड़ा हुआ था। भूपेंद्र सारण कई बार फागी में जगदीश से मिलने आता था। जहां जगदीश बिश्नोई ने ही शेर सिंह मीणा की भूपेंद्र सारण से दोस्ती करवाई थी।

भूपेंद्र सारण ने इससे पहले काॅन्स्टेबल का पेपर लीक करवाया था। इसके बाद भूपेंद्र सारण और शेरसिंह मीणा ने सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा का पेपर लीक करने का प्लान बनाया।

दोनों के बीच सौदा हुआ कि शेरसिंह मीणा सीनियर टीचर भर्ती परीक्षा का पेपर लीक करके लाएगा और उसे भूपेंद्र सारण बेचेगा।