जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राज्य उपभक्ता आयोग ने अब सहारा प्राइम सिटी में उसके द्वारा जारी जमानती वारंट की तामील ना होने कारण डीजीपी को मामले में शामिल किया है। उपभोक्ता आयोग के आदेश के अनुसार रजिस्ट्रार अब खुद व्यक्तिगत डीजीपी से मिलकर सभी मामलों में वारंट की तामील करवाएंगे। उक्त आदेश राज्य उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायाधिपति देवेंद्र कछवाहा, सदस्य अतुल कुमत चटर्जी और सदस्य शोभा सिंह ने दिए। बता दें कि सहारा प्राइम सिटी के खिलाफ लंबित धरा 27, उपभोकलता संरक्षण अधिनियम 1986 और धारा 72, उपभोक्ता अधिनियम 2019 के तहत 119 प्रकरण लंबित हैं। इन मामलों में करोड़ों रुपये की वसूली मई ब्याज के बकाया है। आयोग के निर्देशों के अनुसार गठित विशेष दल का मुखिया एएसपी या डीएसपी स्तर का अधिकारी होगा। इसके साथ ही राजस्थान पुलिस डीजीपी उत्तर प्रदेश में अपने समकक्ष महानिदेशक से संपर्क कर सभी मामलो में जारी वारंट की पालना में सक्रीय सहयोग लेंगे।


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