जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
मंगलवार को भाजपा विधायकों की अनुपस्थिति में विधानसभा में राजस्थान अधिवक्ता संरक्षण विधेयक 2023 संशोधित रूप से पारित हो गया। विधि मंत्री धारीवाल ने सदन को बताया कि विधेयक में खंडों को विलोपित किया गया है। साथ ही वकीलों की सहमति से इसका दुरूपयोग करने वालों के लिए दो वर्ष की सजा का प्रावधान भी रखा गया है। धारीवाल ने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य वकीलों का हित और उनके खिलाफ हिंसा को रोकना है। इसके लिए न्यायालय को कई शक्तियां दी गई हैं। इस विधेयक के अनुसार यदि हमले में कोई वकील घायल हो जाता है तो उसके इलाज का खर्च हमलावर को देना होगा। आपसी सहमति होने की सूरत में मेल को वापस लेने का भी प्रावधान रखा गया है।
उधर भाजपा विधायक दल के उप नेता राजेंद्र राठौड़ ने आरोप लगाया कि सरकार ने बिना विपक्ष को विश्वाश में लिए विधेयक में 18 मार्च को संशोधन कर दिए जबकि कार्य सलाहकार समिति में यह तय हुआ था कि 16 मार्च को विधेयक पेश किया जाएगा तथा 21 मार्च को चर्चा कर इसे पारित किया जाएगा। इस मुद्दे पर हुई चर्चा में भाजपा के कालीचरण सर्राफ, वासुदेव देवनानी, अनीता भदेल, मदन दिलावर, योगेश्वर गर्ग और आरएलपी के पुखराज गर्ग ने हिस्सा लिया।


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