सवाई माधोपुर - हेमेंद्र शर्मा
राजस्थान सरकार द्वारा विधानसभा में पारित किए गए राईट टू हेल्थ बिल के विरोध में निजी चिकित्सकों का आंदोलन लगातार जारी है। इसी कड़ी में आज सवाई माधोपुर के निजी चिकित्सा संस्थानों के चिकित्सकों द्वारा बजरिया स्थित चौधरी नर्सिंग होम में प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। प्रेसवार्ता के दौरान चिकित्सकों ने बताया कि राजस्थान की काँग्रेस सरकार द्वारा जो राईट टू हेल्थ बिल लाया जा रहा है वो बिल ना तो आमजनता के हित मे है और ना ही चिकित्सको के हित मे है। चिकित्सकों ने राईट टू हेल्थ बिल को भ्रामक एंव चुनावी बिल बताते हुए कहा कि पहले से ही सरकार द्वारा जब राजस्थान में चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना ,निशुल्क दवा एंव जांच योजना चलाई जा रही है तो फिर एक ओर बिल लाने का क्या मतलब है। चिकित्सकों का कहना है कि इस बिल से जहाँ भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा वही चिकित्सकों एंव मरीजों के बीच विवाद को भी बढ़ावा मिलेगा। चिकित्सकों ने कहा कि सरकार चिकित्सकों की कनपटी पर बंदूक रखकर इस बिल को जबरन लागू करना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार राईट टू हैल्थ बिल को लेकर प्रदेश की आमजनता को गुमराह कर रही है। यह बिल पूरी तरह से चुनावी बिल है इस बिल से किसी भी तरह से लोगो को कोई फायदा नही होगा। चिकित्सकों ने कहा कि अगर सरकार को आमजनता के स्वास्थ्य की इतनी ही चिंता है तो स्वास्थ्य से संबंधित सभी योजनाओं को एक कर कोई एक बिल क्यो नही लाती जिसमे सभी बीमारी और उपचार निहित हो। सरकार महज लोगो को गुमराह कर रही है और झूठा प्रचार प्रसार कर लोगो को बेवकूफ बना रही है। चिकित्सकों का कहना है कि अगर सरकार द्वारा इस बिल को वापस नही लिया गया तो निजी चिकित्सक अपने चिकित्सा संस्थानों को बंद करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि चिकित्सक किसी भी हालत में इस बिल को लागू नही करेंगे इसके लिए चाहे उन्हें किसी भी हद तक जाना पड़े।

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