चित्तौड़गढ़ - गोपाल चतुर्वेदी 
चित्तौडग़ढ़ जिले के लिए आज बड़ा दिन है। आज भले ही देश-विदेश में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जा रहा है लेकिन चित्तौड़गढ़ में यह दिन 533 सालों से नारी शक्ति के रूप में ही मनाया जाता है। जिसका सबसे बड़ा कारण है मां पन्नाधाय का जन्म दिवस। आज बुधवार को मां पन्नाधाय के जन्मदिवस के अवसर पर गुर्जर समाज की और से बड़ी वाहन रैली निकाली गई। 
यह रैली दुर्ग स्थित फतेह प्रकाश महल से निकलकर चित्तौड़गढ़ शहर के अलग अलग रास्तों से होते हुए  पन्नाधाय की जन्मस्थली माता जी की पांडोली तक पहुंची। आज ही माता जी की पांडोली में पन्नाधाय के पैनोरमा का शिलान्यास किया जाएगा। राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के प्रस्ताव पर हाल ही बजट में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पांडोली में पन्नाधाय पैनोरमा निर्माण की घोषणा की। साथ ही पुरानी पुलिया का नाम मां पन्नाधाय के नाम से रखा गया है।
इसके बारे मे जानकारी देते हुए गुर्जर समाज के जिलाध्यक्ष कमल गुर्जर ने बताया कि पन्नाधाय का जन्म 8 मार्च 1490 मंगलवार को चित्तौड़गढ़ के पांडोली गांव के गुर्जर परिवार में हुआ था। उनकी शादी कमेरी गांव में हुई थी। उसके बाद वो चित्तौड़ किले में महारानी कर्मावती की सेवा और उनके पुत्र उदयसिंह को दूध पिलाने के लिए धाय के रूप में नियुक्त हुई। उन्होंने अपने बेटे चंदन का बलिदान कर राजवंश को बचाया। उन्होंने बताया कि मां पन्नाधाय के जयंती पर गुर्जर समाज की ओर से इस बार बड़े रूप में सेलिब्रेट करने का फैसला लिया था। इसलिए सर्व समाज जनों की तरफ से वाहन रैली निकाली गई। वाहन रैली में भी बाइक, कार, जीप, ट्रैक्टर और बुलडोजर भी नजर आए। 
बुलडोजर देख होने लगी चर्चा
यह रैली दुर्ग स्थित फतेह प्रकाश महल से शुरू होकर अलग अलग स्थानों से गुजरती हुई माता जी की पांडोली पहुंची। जहां सभा का आयोजन हुआ। रैली का जगह-जगह संगठनों और समाज जनों ने स्वागत किया। रैली में बुलडोजर देखकर राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा चलने लगी है। लोग इसे चुनावी साल को जोड़ कर देख रहे है। 
मां पन्नाधाय की जन्मस्थली में ही उनके नाम से अब पैनोरमा बनाया जायेगा। राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के प्रस्ताव पर हाल ही बजट में सीएम ने पांडोली में पन्नाधाय पैनोरमा निर्माण की घोषणा की। इसके लिए 4 करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी की गई। पैनोरमा के लिए सात बीघा जमीन अलॉट किया गया। वहीं, पुरानी पुलिया का नाम बदल कर अब मां पन्नाधाय सेतु का नाम रखा गया। जिसका आज उद्घाटन किया गया।