भीलवाड़ा ब्यूरो रिपोर्ट।  

प्रदेशभर में सरकार के खिलाफ भाजपा का जन आक्रोश महाघेराव होगा। भीलवाड़ा में यह विरोध प्रदर्शन 4 अप्रैल को जिला मुख्यालय पर किया जाएगा जिसमें जिले की 7 विधानसभा के भाजपा कार्यकर्ता और लोग शामिल होंगे। इस जन आक्रोश का नेतृत्व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया द्वारा किया जाएगा। इसको लेकर जिले में भाजपा कार्यकर्ता अभी से तैयारियों में जुट गए हैं।

भाजपा जिलाध्यक्ष लादू लाल तेली ने बताया कि 4 अप्रैल को होने वाले इन जन आक्रोश में 7 विधानसभा के लगभग 35000 जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, कार्यकर्ता व आमजन शामिल होंगे। यह विरोध प्रदर्शन वर्तमान राज्य सरकार के खिलाफ किया जाएगा। 4 अप्रैल को होने वाले इस विरोध प्रदर्शन का प्रदेशभर में एक ही मुद्दा रहने वाला है। इन्हीं मुद्दों के आधार सरकार का घेराव किया जाएगा।

भाजपा इन मुद्दों पर सरकार का करेगी घेराव

  • पुलवामा में शहीद हुए सैनिकों की वीरांगनाओं पर राज्य सरकार बड़ी क्रूरता कर रही है। वीरांगनाओं को अपने परिजनों को नौकरी दिलाने के लिए भी धरने लगाने पड़ रहे हैं।
  • जिले में कानून व्यवस्था पूरी तरह ठप है।
  • बेरोजगार को बेरोजगारी भत्ता 35 हजार रुपए प्रतिमाह दिया जाना था जो आज तक नहीं दिया गया।
  • यूरिया खाद की खुलेआम कालाबाजारी की जा रही है।
  • किसानों की सम्पूर्ण कर्ज माफी का कांग्रेस सरकार द्वारा किया गया वादा आज तक पूरा नहीं हुआ।
  • सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के पद खाली पड़े है जिसके कारण आम जनता की देखभाल करने वाला कोई नहीं है।
  • महात्मा गांधी अस्पताल में लापरवाही से 2 नव जात शिशुओं की रेडियन्ट वार्मर मशीन में जलकर दर्दनाक मौत मामले में दोषी डाॅक्टरों व नर्सिंग स्टाफ पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं होना।
  • राज्य की कांग्रेस सरकार पेपर लीक मामलों में सीधी जुड़ी हुई है और युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रही है पेपर लीक होता रहे और उन्हें नौकरी नहीं देनी पड़े।
  • संविदा पर लगाये गए नर्सिंग स्टाफ, गेस्ट फैकल्टी, पेरा टीचर्स कर्मचारियों सी.एच.ए. कर्मचारियों को आज तक स्थायी नहीं किया गया। वे नाममात्र के मानदेय पर नौकरी कर रहे है, परिवार का भरण-पोषण भी नहीं कर पा रहे है।
  • भीलवाड़ा में एक और ओवरब्रिज बने जो कि शहर की मूलभूत आवश्यकता है।
  • यूआईटी में जबरदस्त भ्रष्टाचार व्याप्त है।
  • 227 बीघा जमीन का घोटाला कुछ भू माफियाओं को फायदा पहुंचाने का जबरदस्त विरोध किया है।
  • रेत माफिया व खनन माफिया वन भूमि क्षेत्र में अवैध रूप से धडल्ले से खनन कर रहे है और न्यायालय के आदेशों की खुलेआम अवहेलना हो रही है।
  • गांवों और शहरों में अघोषित बिजली कटौतियां हो रही है।