जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने विधानसभा में कहा कि जो ग्राम पंचायत न्यूनतम सदस्य संख्या 300 सहित अन्य मापदण्ड पूरा करेगी और हिस्सा राशि 3 लाख रुपये जमा करा देगी, वहां ग्राम सेवा सहकारी समिति का गठन प्राथमिकता के साथ कर दिया जाएगा। आंजना प्रश्नकाल के दौरान सदस्यों की ओर से इस सम्बन्ध में पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि नवीन जीएसएस के गठन में अगर देरी की गई है तो ऐसे अधिकारियों को नोटिस दिया जाएगा।इससे पहले विधायक प्रीति गजेन्द्र सिंह शक्तावत के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में सहकारिता मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक ग्राम पंचायत पर सहकारी समिति के गठन का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि जी.एस.एस. के गठन के निर्धारित मानदण्ड न्यूनतम सदस्य संख्या 300, हिस्सा राशि 3 लाख रुपये, अमानत राशि 1 लाख रुपये जी. एस. एस. हेतु एवं 75 हजार रुपये लेम्प्स हेतु है। उन्होंने कहा कि उपरोक्त निर्धारित मानदंड पूर्ण करने तथा जिला स्तरीय कमेटी की अनुशंषा सहित प्रस्ताव प्राप्त होने पर नियमानुसार नई ग्राम सेवा सहकारी समितियों के गठन की कार्यवाही की जाती है। सहकारिता मंत्री ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र वल्लभनगर में कुल 71 ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें से 38 ग्राम पंचायतों में ग्राम सेवा सहकारी समिति का गठन किया जाना शेष है। उन्होंने कहा कि सरकार इन ग्राम पंचायतों में नवीन सहकारी समितियों की स्थापना का विचार रखती है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022-23 की बजट घोषणा के तहत आगामी 2 वर्षों में राज्य की 4171 शेष ग्राम पंचायतों में नई जीएसएस का गठन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उक्त घोषणा के तहत विधानसभा क्षेत्र वल्लभनगर की शेष ग्राम पंचायतों में भी नई जी. एस. एस स्थापित किया गया है।