जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
वन एवं पर्यावरण मंत्री हेमाराम चौधरी ने विधानसभा में कहा कि प्रदेश में संचालित वन विस्तार योजनाओं के तहत होने वाले कार्यों का भौतिक सत्यापन या मूल्यांकन रेण्डम आधार पर किया जाता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि रेवदर विधानसभा क्षेत्र में वन विस्तार योजना के तहत हुये कार्यों में अगर कोई अनियमितता हुई है तो, शिकायत मिलने पर सक्षम अधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित कर उसकी जांच करवा दी जायेगी।वन मंत्री प्रश्नकाल के दौरान इस संबन्ध में विधायकों की ओर से पूछे गये पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि रेवदर विधानसभा क्षेत्र में नाबार्ड फेज- तृतीय के तहत वन विस्तार कार्यों के लिए वर्ष 2019-20, 2020-21 एवं 2021-22 में पैसा मिला है। इससे पहले विधायक जगसीराम के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में उन्होंने कहा कि यह सही नहीं है कि विधानसभा क्षेत्र रेवदर से जुड़े वनों के विस्तार हेतु प्रदेश में संचालित वन विस्तार योजनाओं के लिए विगत चार वर्षों की अवधि में बजट स्वीकृति नहीं दी गई। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र रेवदर में वर्ष 2018-19 से अब तक विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के तहत विभाग द्वारा किए गये व्यय का विवरण सदन के पटल पर रखा। वन मंत्री ने कहा कि यह भी सही नहीं है कि वन विस्तार की विभिन्न योजनाओं के तहत प्राप्त बजट को उक्त वर्षों के दौरान खुर्द-बुर्द करके खानापूर्ति की गई है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा सामान्य प्रक्रिया के तहत कुछ कार्यों का भौतिक सत्यापन एवं मूल्यांकन कराया जाता है। वन मंत्री ने विधानसभा क्षेत्र रेवदर में विभाग द्वारा कराये गये भौतिक सत्यापन एवं मूल्यांकन का विवरण सदन के पटल पर रखा।