जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
जल जीवन मिशन में प्रतिदिन होने वाले नल कनेक्शनों (एफएचटीसी) की संख्या जनवरी माह के अंतिम दिन 8 हजार 343 तक पहुंच गई जो इस वित्तीय वर्ष में एक दिन की सर्वाधिक है। 31 जनवरी को एक दिन के सर्वाधिक 766 कनेक्शन जयपुर जिले ने किए हैं, 713 कनेक्शन के साथ डूंगरपुर दूसरे जबकि 545 नल कनेक्शन के साथ भीलवाड़ा तीसरे स्थान पर रहा।.जेजेएम में जनवरी माह में कुल 675 करोड़ रुपए व्यय किए जा चुके हैं। जनवरी माह में कुल 1 लाख 60 हजार 389 कनेक्शन हुए हैं और वित्तीय वर्ष 2022-23 में अभी तक 8 लाख 40 हजार नल कनेक्शन हो चुके हैं। जनवरी माह में लक्ष्य के मुकाबले उपलब्धि के आंकड़ों पर गौर करें तो झालावाड़ जिले ने सर्वाधिक 69 प्रतिशत नल कनेक्शन किए हैं, भीलवाड़ा 68 प्रतिशत के साथ दूसरे, चित्तौड़गढ़ 63 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर है। जैसलमेर जिले में लक्ष्य के मुकाबले सबसे कम नल कनेक्शन हुए। प्रदेश में अब 33 लाख 45 हजार 131 परिवारों को नल के माध्यम से जल पहुंच रहा है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा अभी तक 39 हजार 521 गांवों के लिए 93.87 लाख नल कनेक्शन की स्वीकृतियां प्राप्त कर ली गई हैं। कुल स्वीकृत 134 वृहद परियोजनाओं में से 86 वृहद परियोजनाओं के तहत 9234 गांवों में 22.21 लाख नल कनेक्शन के लिए 10 हजार 835 करोड़ रुपए के कार्यादेश जारी हो चुके हैं। अन्य पेयजल योजनाओं (ओटीएमपी) में 17,336 गांवों में 41.47 लाख नल कनेक्शन की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी गई है।ओटीएमपी में 39.51 लाख नल कनेक्शन के लिए निविदाएं आमंत्रित कर ली गई हैं और इनमें से 28.23 लाख नल कनेक्शन के कार्यादेश भी जारी कर दिए गए हैं। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डॉ. महेश जोशी ने जल जीवन मिशन के तहत प्रतिदिन नल कनेक्शन की संख्या 8 हजार से अधिक पहुंचने को विभाग की बड़ी उपलब्धि बताया और इसे लगातार बढ़ाकर तय लक्ष्य हासिल करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि जनवरी के आखिरी दिन की इस उपलब्धि को फरवरी माह में भी बरकरार रखते हुए अधिक से अधिक ग्रामीण घरों को नल कनेक्शनों से जोडें। उन्होंने कनेक्शनों में पिछड़ने वाले जिलों को अपनी गति बढ़ाकर तय लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए।