जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
प्रदेश में विधानसभा चुनाव के बीच जातिगत समीकरण साधने की तैयारी में दोनों ही प्रमुख दल लगे हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल यानी 28 जनवरी को भीलवाड़ा के आसींद में देवनारायण जयंती पर बड़ी सभा कर गुर्जर वोट बैंक को साधने की कोशिश करेंगे, लेकिन इससे पहले प्रदेश की गहलोत सरकार ने बड़ा दांव खेल दिया है। सरकार ने देवनारायण जयंती पर राजकीय अवकाश घोषित कर मोदी की सभा को काउंटर करने की कोशिश की है।
देवनारायण जयंती पर राजकीय अवकाश।
सामान्य प्रशासन विभाग ने देवनारायण जयंती पर राजकीय अवकाश घोषित करने का प्रस्ताव बनाकर मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा था, जिसे सीएम गहलोत ने अनुमति दे दी है। अब प्रदेश में देवनारायण जयंती पर राजकीय अवकाश घोषित रहेगा। जानकारों की मानें तो गहलोत सरकार मोदी की सभा से पहले यह बड़ा दांव खेलकर 2018 में अपने साथ जुड़े गुर्जर वोट बैंक को बनाए रखने की कोशिश की है। बता दें, कि प्रदेश में करब 7 फीसदी गुर्जर वोट बैंक है। 14 जिलों की करीब 60 फीसदी से ज्यादा विधानसभा सीटों पर गुर्जर समाज अपना प्रभाव रखता है। यही वजह है कि बीजेपी और कांग्रेस, दोनों ही पार्टियां गुर्जर समाज के वोट बैंक पर अपनी नजर जमाए हुए हैं।इधर देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष और नदबई विधायक जोगिन्दर सिंह अवाना ने 28 जनवरी 2023 को देवनारायण भगवान की 1111वें जन्मोत्सव के अवसर पर राजकीय अवकाश की मांग स्वीकार करने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का आभार व्यक्त किया। अवाना ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हमेशा गुर्जर और MBC समुदाय की मांग पर सकारात्मक रुख रखा है, साथ ही देवनारायण भगवान के जन्मोत्सव पर हमारे समाज की राजकीय अवकाश घोषित करने की मांग को स्वीकृति देकर समाज को मजबूत कर दिया है। अवाना ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए गुर्जर समाज के आंदोलनों पर कभी बल प्रयोग नहीं किया गया, जबकि भाजपा सरकार ने गोलियों से 73 गुर्जरों की हत्या की।

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