करौली ब्यूरो रिपोर्ट।
शहीद की वीरांगना न्याय नहीं मिलने पर दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है। लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा कोई भी सुनवाई नहीं की जा रही है। इसी के चलते जिला कलेक्ट्रेट के सामने 6 दिन से धरने पर बैठी हुई है। वीरांगना का आरोप है कि उसके पति के शहीद हो जाने के बाद उसके परिवार के लोगो ने उसकी लज्जा भंग करने के साथ गांव से बेदखल कर दिया है। जिसकी शिकायत उसने पुलिस प्रशासन के उच्चाधिकारियों को भी की लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है वीरांगना ने चेतावनी दी है कि अभी भी अगर कोई सुनवाई नहीं हुई तो वह आत्महत्या करने को मजबूर होगी। दरअसल करौली जिले के टोडाभीम उपखंड के काजोली गांव निवासी वीरांगना राधा देवी पत्नी शहीद अतर सिंह को अपने परिवाजनों और असामाजिक तत्वों का डर सताया हुआ है।  वीरांगना ने बताया कि उसके जेठ अमरसिंह और उनके पुत्रो तथा सहयोगी असामाजिक तत्वों द्वारा वीरांगना व उसके परिवार के साथ लगातार मारपीट, लज्जा भंग करने के साथ साथ परेशान कर ग्राम कंजौली से बेदखल करते हुये गाँव से निकाल दिया गया है। इन मामलों की पुलिस में लिखित रिपोर्ट के बाद भी पुलिस द्वारा कठोर कार्यवाही नही करने के कारण अपराधियों के हौंसले बुलन्द है। वीरांगना द्वारा प्रशासन से न्याय के लिये लगातार गुहार लगाने के बाद भी आज तक अपराधियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नही किये जाने के कारण प्रार्थीया व उसका परिवार मजबूर होकर जिला कलक्ट्रेट के सामने छः दिन से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी हुई है। वीरांगना का आरोप है कि धरने पर बैठे हुए 6 दिन हो गए लेकिन पुलिस प्रशासन के किसी भी अधिकारी ने आकर अभी तक उनसे कोई भी मुलाकात नहीं की है ना ही कोई आश्वासन दिया है वीरांगना ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर शीघ्र सुनवाई नहीं हुई तो वह आत्महत्या करने को मजबूर होगी।