जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
कृषि विभाग की ओर से विश्व मृदा दिवस के मौके पर प्रदेशभर में मिट्टी के 9 हजार से अधिक नमूने एकत्रित किए गए तथा 6 हजार 500 सॉयल हेल्थ कार्ड वितरित किए गए। साथ ही किसान गोष्ठी एवं किसान संवाद आयोजित कर काश्तकारों को मृदा गुणवत्ता की जांच के लिए प्रोत्साहित किया गया। कृषि विभाग के आयुक्त कानाराम ने बताया कि प्रदेश में 5 दिसम्बर को विश्व मृदा दिवस राज्य के सभी सहायक कृषि अधिकारी मुख्यालयों पर किसान गोष्ठी और किसान संवाद के द्वारा आयोजित किया गया, जिनमें एक लाख 21 हजार किसान, अधिकारी और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। इन कार्यक्रमों में पौधों के पोषक तत्वों एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों के साथ ही क्षारीय व लवणीय भूमि सुधार की किसानों को जानकारी दी गई। संगोष्ठियों में कृषि अधिकारियों ने बताया कि मृदा जीवन के लिए एक जरूरी प्राकृतिक संपदा है, जिस पर होने वाला आघात हर किसी के जीवन को बुरी तरह प्रभावित करता है। मृदा प्रदूषण एक गंभीर पर्यावरणीय समस्या है जिसमें मिट्टी की स्थिति में गिरावट आती है। इस साल विश्व मृदा दिवस पर 'मृदा, जहां भोजन शुरू होता है' थीम के साथ लोगों को मृदा के संरक्षण के लिए जागरूक किया गया।