एआईएमआईएम के प्रमुख और सांसद असदुद्दीन आवैसी ने भाजपा से मिलीभगत कर फायदा पहुंचाने की थ्योरी पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जहां हम नहीं लड़े तो भी भाजपा जीत रही है। अब जब विधानसभा के चुनाव होंगे तो मैं राजस्थान में पूरी ताकत से लडूंगा, और इज्जत के साथ कह रहा हूं भाड़ में जाएं मुझ पर आरोप लगाने वाले। एआईएमआईएम प्रमुख आवैसी ने कहा कि मेरा काम लड़ना है। जनता पसंद करेगी तो वोट डालेगी नहीं तो नहीं डालेगी। यह क्या कोई सामंतवाद है, कोई चौधरी हैं क्या ये लोग कि तुम क्यों आए राजस्थान। आपके बाप का राजस्थान नहीं है, मेरा भी है। मैं मेरे पर आरोप लगाने वालों से कह रहा हूं। ओवैसी जयपुर में टॉक जर्नलिज्म सेमिनार के समापन सत्र में बोल रहे थे। ओवैसी ने कहा कि राजस्थान में गत विधानसभा चुनाव के चंद महीने बाद लोकसभा चुनाव हुए। मुख्यमंत्री के बेटे तक हार गए क्या इसके लिए मैं जिम्मेदार हूं? यह बात समझने की है कि राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ में कमलनाथ के बेटे के अलावा सब क्लीन बोल्ड हो गए थे। मध्यप्रदेश में कांग्रेस के 20 विधायक भाग गए। उसके लिए तो मैं जिम्मेदारी नहीं हूं। उन्होंने कहा कि मुसलमानों के साथ सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि हम वोट डाल सकते हैं, हम वोट ले नहीं सकते। भाजपा को तो मुसलमानों की जरूरत भी नहीं हैं। 2014 में BJP को 31 फीसदी वोट मिला जो 2019 में बढ़कर 37 फीसदी हो गया, उसके लिए क्या मैं जिम्मेदार हूं? ओवैसी ने कहा कि मुसलमान वोट बैंक भी नहीं बन पाया। वोट बैक पॉलिटिक्स की वजह से आप देखेंगे कि हर कास्ट और कम्युनिटी का सामाजिक-आर्थिक विकास हुआ है, लेकिन मुसलमान का नहीं हुआ, क्योंकि हम वोट बैंक नहीं हैं। मुसलमान केवल दिखाने के नाम पर वोट बैंक है। इसी वजह से ही उसका विकास नहीं हुआ। मुसलमानों की भी बहुत बड़ी गलती है,उन्हें बहुत बड़ी गलतफहमी है कि उन पर सेक्युलरिज्म को बचाने की बड़ी जिम्मेदारी है। चुनावों के वक्त कहते हैं देखो सेक्युलरिज्म बचाना है, पर चुनाव के बाद मुसलमान रोज मरता है, कोई पूछने वाला नहीं है।ओवैसी ने कहा कि महाराष्ट्र में चुनाव से पहले एक कांग्रेस नेता ने अपील की ओवैसी की पार्टी शिवसेना भाजपा के साथ आ जाएगी। कुछ महीने बाद उसी शिवसेना से कांग्रेस का गठबंधन हो गया। यह निकाह कैसे हो गया? कल गाली दे रहे थे और बाद में शिवसेना से मिल गए, महाराष्ट्र में कांग्रेस की विचारधारा कहां चली गई। कर्नाटक में कांग्रेस के विधायक क्यों भाग गए? कांग्रेस का सीधा फंडा है कि जब जीत गए तो परिवार ने जीता दिया और हार गए तो मुल्लाजी ने हरवा दिया।
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