चित्तौड़गढ़-गोपाल चतुर्वेदी।
चित्तौड़गढ़ जिला मुख्यालय पर संचालित हो रहे निजी चिकित्सालय राजस्थान हॉस्पिटल का नाता हमेशा से विवादों से रहा है। जब से यह चिकित्सालय मुख्यालय पर संचालित होना शुरू हुआ है तब से लेकर आज तक इस चिकित्सालय में मरीजों के साथ हमेशा अन्याय होता ही रहा है। लेकिन स्थानीय राजनेताओं से गहरी पैठ रखने के चलते चिकित्सालय के संचालक डॉक्टर कामिल हर मामले में बचते हुए दिखाई दिए। लेकिन कुछ महीने पूर्व एक नाबालिग के साथ हुए दुष्कर्म के बाद आरोपियों के साथ मिलकर डॉक्टर कामिल ने उस नाबालिग का गर्भपात कर दिया। जिसकी रिपोर्ट नाबालिक के परिजनों ने कोतवाली थाना पुलिस दर्ज भी करवाई और कई महीनों बाद आखिरकार शनिवार को राजस्थान हॉस्पिटल के विवादित चिकित्सक डॉक्टर कामिल को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में दिखाई दिया और रविवार को सीएमएचओ रामकेश गुर्जर ने मौके पर पहुंचकर राजस्थान हॉस्पिटल में कोई अन्य चिकित्सक नहीं होने के चलते इसे बंद करने के निर्देश दिए। वही सीएमएचओ राजस्थान हॉस्पिटल से कार्यवाही करने के बाद निकलते ही एक बार फिर से वहां पर कार्यरत कर्मचारियों ने राजस्थान हॉस्पिटल के मुख्य द्वार खोल दिया। वही इस चिकित्सालय में कार्यरत कर्मचारियों मे पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की कार्यवाही का किसी प्रकार का खौफ दिखाई नहीं दिया और जब यह तस्वीर हमारे चैनल के कैमरे में कैद हुई। उसके बाद सीएमएचओ रामकेश गुर्जर इस बारे में जानकारी प्राप्त की गई तो उन्होंने बताया कि वह स्वयं जाकर मौके पर कार्यवाही करके आए हैं और वहां पर उपस्थित नर्सिंग कर्मचारियों के साथ अन्य कर्मचारियों को निर्देशित कर के आए हैं कि इस चिकित्सालय में चिकित्सक नहीं है और इसको बंद रखा जाए। लेकिन इस चिकित्सालय के चिकित्सक भी चिकित्सालय संचालक डॉक्टर कामिल की तरह ही रसूखदार राजनेताओं के साथ अच्छे संबंध रखने वाले जान पढ़ रहे हैं। इसीलिए इनमें किसी भी प्रकार की कार्यवाही का असर दिखाई नहीं दे रहा है। अब देखना यह है कि पुलिस और चिकित्सा विभाग इस चिकित्सालय में मनमानी कर रहे नर्सिंग कर्मियों और अन्य कार्मिकों के साथ किस तरह की कार्रवाई करते हैं।