हनुमानगढ़-विश्वास कुमार।
आम आदमी की खून पसीने की गाढ़ी कमाई को पल भर मे डकार कर फरार होने का क्षेत्र मे ये कोई पहला मामला नहीं है। पूर्व मे भी चिट फंड मे अधिक ब्याज के लालच मे लोग अपनी कमाई फ्रॉड कम्पनीयों के संचालकों को सौंप चुके है। ताज़ा मामला संगरिया थाना क्षेत्र का है। जहां चिटफंड कंपनी चलाकर करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में संगरिया पुलिस द्वारा एक आरोपी सोहनलाल को गिरफ्तार किया है।
विभिन्न राज्यों मे है ठगी के मुकदमे दर्ज।
गिरफ्तारी के बाद ठगी का शिकार हुए लोगो मे संगरिया क्षेत्र के जगदीप सिंह घुंकावली,करमजीत सिंह,ओम प्रकाश शर्मा,पप्पू शर्मा, भूप भरवाना उप सरपंच,निहाल सिंह नुकेरा,नेतराम नागराना,हरजीत सिंह, हरजिंदर सिंह,बलविंदर सिंह,निर्मल सिंह,राज मिस्त्री,सोनू,बलवीर सिंह,मोहनलाल,बेअंत सिंह इसके अलावा पड़ोसी राज्यों हरियाणा, पंजाब आदि से भी लोग CO ऑफिस पहुंचे व उन्होंने बाकि आरोपियों को गिरफ्तार करने व उनका पैसा दिलवाने की मांग की है। भाखरांवाली के उप सरपंच भूप भरनवा ने बताया कि नोबेल ग्रीन और केनिको कंपनी के मालिक सोहनलाल कामरा और उसके सहयोगी लाखों लोगों के पैसे हड़प कर फरार हो गए थे। चिटफंड कंपनी चलाने वाले मे मुख्य सोहन लाल कामरा और दूसरा राजपाल था।संगरिया पुलिस थानाधिकारी हनुमानाराम ने बताया कि संगरिया थाने में 150 /2021,360/2021, 412/2021,414/2021,417/2021,559/2021 व 250/2022 के दर्ज प्रकरणो में नौबेल ग्रीन व कनैको प्राईवेट लिमिटेड कम्पनी के डायरेक्टर आरोपी राजपाल पुत्र प्यारासिह जटसिख निवासी हरिपुरा पुलिस थाना संगरिया व सोहन लाल पुत्र किशन लाल अरोड़ा निवासी चन्दूरवाली पुलिस थाना टिब्बी जो कि कम्पनी के आड़ में मार्केटिंग व स्मॉल लॉन व कम्पनी में मेम्बर शिप आदि के नाम पर हरिपुरा,संतपुरा, भाखरावाली, दीनगढ़, संगरिया, नाथवाना,रतनपुरा के लोगों से धोखाधड़ी से राशि एकत्रित कर रतनपुरा कैंचिया स्थित कम्पनी के कार्यालय को बंद कर फरार हो गये थे। गठित टीमो के प्रयासो से आरोपी सोहन लाल पुत्र किशन लाल अरोड़ा निवासी चन्दूरवाली पुलिस थाना टिब्बी को गिरफ्तार किया जा चुका है।गिरफ्तार आरोपी सोहन लाल कामरा को न्यायालय में पेश कर,पी/सी रिमाण्ड लिया है। उपरोक्त प्रकरणो में विस्तृत अनुसंधान व तस्दीक जारी है। पुलिस टीम में गुरबचन सिह सउनि,नायब सिह कानि. राजेन्द्र कुमार कानि. शामिल रहे।
यूँ बनाते थे शिकार।
आरोपित जगह जगह सेमिनार आयोजित कर लोगों को निवेश का लालच देते थे और बातों के मकड़जाल मे मासिक किश्तों के रूप में कंपनी में रुपये जमा करवा लेते थे। आरोपितों ने अलग अलग लोगों से 2185 रुपये,600 रुपये,545 रुपये,955 रुपये व 5000 रुपये एक मुश्त जाम करवाकर उन्हें तीन से पांच साल की पालिसी देकर पालिसी पूरी होने पर अधिक ब्याज देकर सारी रकम के वापस की गारन्टी से पालिसी जारी कर रखी थी। जिनकी मेच्योरिटी सीमा 2021,2022 और 2023 था। जो पालिसी 2021 में पूरी हो गई उसकी रकम लेने जब लोग उनके कार्यालय पहुंचे तो आरोपियों ने कहा कि हमने तो सिर्फ ठगी मारने के लिए ही कम्पनी खोल रखी है।

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