जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 11 जिलों में 189 हैल्प डैस्क की शुरुआत की है। इस हैल्प डैस्क का संचालन हैल्प डैस्क एजेंट के माध्यम से किया जाएगा। उपभोक्ता अब अपनी शिकायत दर्ज, ट्रैक, नए कनेक्शन के लिए आवेदन, मीटर शिफ्टिंग, लाइन शिफ्टिंग, पोल शिफ्टिंग तथा अन्य किसी भी प्रकार की समस्या के लिए हैल्प डैस्क के माध्यम से लाभ ले सकेंगे। इस डिस्कॉम क्षेत्रा के लगभग हर उपखंड में उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए कुल 189 हैल्प डैस्क खोले गए हैं। इससे उपभोक्ताओं को अपनी शिकायत दर्ज कराने, उसे ट्रैक करने, नए कनेक्शन के लिए आवेदन करने, पोल शिफ्टिंग, लाइन शिफ्टिंग, मीटर शिफ्टिंग तथा विधुत सम्बंधी अन्य जानकारी हासिल करने में आसानी होगी। इस सम्बंध में डिस्कॉम की ओर से निर्देशित किया हैं कि हैल्प डैस्क एजेंट उपभोक्ता की शिकायत को शालीनता से सुनें और आवश्यकता पड़ने पर गरीब व अनपढ़ व्यक्तियों की एप्लीकेशन लिखने में मदद करे। इस हैल्प डेस्क बनाने का उद्देश्य ही उपभोक्ता की सेवा करना है और जरूरत पढ़ने पर उपभोक्ता को दस्तावेजों की फोटोकॉपी तथा स्कैन की सुविधा भी उपलब्ध करानी होगी हैल्प डेस्क के गठन होने से अधिकारियों का जो समय उपभोक्ताओं की शिकायत सुनने में लगता था वह अब बच सकेगा। और इससे उनकी कार्यकुशलता बढ़ेगी।अजमेर विद्युत वितरण निगम ने अपने क्षेत्राधीन अजमेर जिले में 20, भीलवाड़ा में 18, उदयपुर में 24, राजसमंद में 13, चित्तौड़गढ़ में 15, प्रतापगढ़ में 7, डूंगरपुर में 8, नागौर में 28, बांसवाड़ा में 8, झुंझुनू में 19, सीकर में 27 तथा आईटी सेल कार्यालय में 2 हैल्प डैस्क सहित कुल 189 हैल्प डैस्क की स्थापना की है।
हैल्प डैस्क की कार्य प्रणाली।
उपभोक्ता हेल्पडेस्क पर अपनी शिकायतों एवं अनुरोधों के पंजीकरण के लिए सीधे संपर्क कर सकते हैं। तथा हैल्पडेस्क के कर्मचारी सिस्टम में पूर्व-निर्धारित प्रारूप में अपनी शिकायतें दर्ज करेंगे और इसके लिए हेल्पडेस्क एजेंट द्वारा उपभोक्ताओं को सभी प्रकार की सहायता प्रदान की जाएगी । हेल्पडेस्क एजेंट, डिस्कॉम आरएपीडीआरपी पोर्टल तक पहुंचेगा जहां उपभोक्ताओं द्वारा अनुरोध एवं शिकायतें दर्ज की जाती हैं और आवेदन में स्थिति को अपडेट करेगा।इसी तरह शिकायत दर्ज करने के तुरंत बाद एजेंट शिकायतकर्ताओं को पंजीकरण संख्या (सिस्टम उत्पन्न या निर्देशानुसार) प्रदान एवं सूचित करेगा। हैल्पडेस्क एसएमएस या अन्य माध्यम से ट्रैक रिकॉर्ड के साथ उपभोक्ता शिकायतों के समाधान के लिए त्वरित कार्रवाई के लिए संबंधित उप-मंडलों और उपभोक्ताओं के बीच समन्वय करेगा। उन मामलों में, जहां उपखंड में एफआरटी तैनात नहीं है, हैल्पडेस्क संबंधित उप-मंडल एईएन, जेईएन, डिस्कॉम व्यक्तियों को नो-करंट शिकायतों को भी अग्रेषित करेगा और सॉफ्टवेयर में स्थिति को अपडेट करेगा। हैल्पडेस्क एजेंट नियमित रूप से अनुरोधों के समय पर समाधान के लिए एसडीओ (उप-मंडल अधिकारी) के साथ सिस्टम के माध्यम से आगे बढ़ेंगे और संबंधित अधिकारियों, जेईएन, एईएन, एक्सईएन को समग्र स्थिति और वृद्धि के बारे में रिपोर्ट करेंगे। हैल्पडेस्क एजेंट को जरूरत पड़ने पर फोन कॉल के माध्यम से उपभोक्ताओं के अनुरोधों पर अपडेट देने के लिए उनसे संपर्क करने की भी आवश्यकता हो सकती है। हैल्पडेस्क एजेंटों को मोबाइल ऐप, टेलीफोन के माध्यम से डिस्कॉम, सीसीसी और उपभोक्ताओं से कॉल करना और प्राप्त करना होगा। सिस्टम के माध्यम से शिकायत प्राप्त होने पर, उप-मंडल के अनुसार अलग-अलग, हैल्प डेस्क कार्यकारी शिकायत के समाधान तक संबंधित फील्ड स्टाफ के साथ अनुवर्ती कार्रवाई करेगा। डिस्कॉम क्षेत्रा में उपभोक्ता द्वारा विधिवत रूप से स्वीकार की गई शिकायत के समाधान के बाद, डेटा बेस को तदनुसार अद्यतन किया जाएगा। हेल्पडेस्क को शिकायत दर्ज करने की अनुमति होगी लेकिन उपभोक्ता की पुष्टि के बाद ही सीसीसी अजमेर से शिकायत को बंद किया जाएगा। शिकायत के समाधान के बाद हैल्पडेस्क एजेंट शिकायत के समाधान में लगने वाले कुल समय को अपडेट और रिकॉर्ड करेगा।

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