जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
दिल्ली में नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर सोनिया गांधी ED ऑफिस में हाजिरी दे रही है। कांग्रेस के दिग्गज भी दिल्ली में मौजूद हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी राष्ट्रीय राजधानी में ही हैं। मीडिया ब्रीफिंग में उन्होंने ईडी की जांच को लेकर कई सवाल उठाए। SC में इस मुद्दे पर जल्द सुनवाई किेए जाने की अपील भी की है। सीएम ने ईडी कार्रवाई को आतंक का नाम दिया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि ईडी देश में जो तमाशा कर रही है। जिस तरह से पहले राहुल गांधी को 5 दिन तक बुलाया और 50 घंटे उनसे पूछताछ की, और अब सोनिया गांधी को भी तीसरी बार बुलाया। पता नहीं कब तक वह उन्हें बुलाएंगे। गहलोत ने कहा कि ईडी ने देश में आतंक फैला रखा है, जिसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी मामला चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट को चाहिए कि जिस ईडी का सक्सेस रेट प्वाइंट 5% भी नहीं है ,उस ईडी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले पर फैसला जल्द हो। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ईडी के काम करने के तरीके पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि ईडी का बयान लेने का तरीका ओर तफ्तीश का तरीका अलग है। इन्हें देश में सीबीआई से भी ज्यादा पावर मिली हुई है। जहां भी इनकम टैक्स जाता है वहां ईडी चली जाती है। ऐसे में भारत सरकार को भी चाहिए की ईडी जो कर रही है वह लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है और सुप्रीम कोर्ट से ईडी को लेकर जल्द निर्णय करवाना चाहिए। गहलोत ने कहा कि ईडी का उपयोग आज देश में सरकार गिराने के लिए किया जा रहा है। इसका उदाहरण महाराष्ट्र में देखने को मिला। लेकिन ईडी सरकार गिराने का काम तो कर सकती है लेकिन मंत्रिमंडल बनाने का नहीं क्योंकि आज 28 दिन हो चुके हैं और मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के अलावा कैबिनेट में कौन शामिल हो इस पर निर्णय अब तक नहीं हो सका है। गहलोत ने कहा कि महाराष्ट्र की घटना बताती है कि देश में लोकतंत्र किस दिशा में जा रहा है। महंगाई, बेरोजगारी की जो स्थिति है उसे लेकर पूरा देश चिंतित है। नौजवान चिंतित है। महंगाई से आम नागरिक चिंतित है और संसद में बहस भी नहीं करने दी जा रही। गहलोत ने जताने की कोशिश की कि केन्द्र सरकार को ईडी पर किए गए सवाल अखरते हैं। गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से राजस्थान के कई मसलों को लेकर मुलाकात हो सकती है, लेकिन ईडी को लेकर जो मैं बोल रहा हूं कि ईडी उनके आदेश पर काम कर रही है तो क्या उनके अधिकारी मेरी भावना को पीएमओ तक नहीं पहुंचा रहे होंगे। सीएम गहलोत ने कहा कि पहले रेड होने से 1 महीने पहले रेकी भी की जाती थी और पता किया जाता था कि रेड से क्या निकलने की संभावना है ?लेकिन अब हालात यह है कि रात को इन्हें सूचना मिलती है और सुबह 6:00 बजे ईडी रेड डाल देती है। यह सब ईडी, इनकम टैक्स और सीबीआई के अधिकारी भी समझ रहे हैं कि क्या तमाशा हो रहा है? मैंने तीनों एजेंसियों के प्रमुखों से समय मांगा था जो तुरंत मिल भी गया। कुछ देर में वहां से यह भी मैसेज आ गया कि हम खुद ही आपसे मुलाकात कर लेंगे। उन्होंने कहा कि ईडी को तो इतनी ज्यादा ताकत मिली हुई है कि उसे सीआरपीसी के प्रोसीजर को भी फॉलो करने की आवश्यकता नहीं होती, ऐसे में इस मामले में जल्दी सुप्रीम कोर्ट को जो निर्णय लेना है वह निर्णय ले लेना चाहिए। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि आज देश में यह फैलाया जा रहा है कि हम अपने नेता को लेकर तो आवाज उठा रहे हैं ,लेकिन महंगाई को लेकर नहीं बोल रहे। जबकि हकीकत यह है कि 1 साल पहले ही राजधानी जयपुर में महंगाई को लेकर राष्ट्रीय सम्मेलन हुआ था और आज भी कांग्रेस का सबसे प्रमुख मुद्दा महंगाई और बेरोजगारी है। लेकिन अब तो संसद में ही सांसदों को उनकी आवाज नहीं उठाने दी जा रही और जिस तरह से 19 सांसदों को निलंबित किया गया मैंने ऐसे हालात देश में कभी नहीं देखे।