झालावाड़-हरिमोहन चोडॉवत।
झालावाड़ मे मंगलवार को हुए स्कूल बस हादसे के बाद आज पुलिस प्रशासन हरकत में आया और डीएसपी ट्रैफिक ने स्वयं सड़क पर उतर कर बाल वाहिनियों की जांच का सघन अभियान चलाया। इस दौरान नियमों की पालना नहीं करने पर चार बाल वाहिनियों को सीज किया गया तो वहीं 20 बालवाहिनियों के चालान एमवी एक्ट में बनाए गए।
इस दौरान ट्रैफिक डीएसपी नीरज कुमारी ने स्कूली बच्चों को अपने व्यक्तिगत नंबर देकर किसी भी तरह की शिकायत होने पर सीधे सूचित करने की भी जानकारी दी। तो वहीं इस घटना के बाद मिनी सचिवालय स्थित जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पर जिले के निजी स्कूल संचालकों की पुलिस प्रशासनिक एवं परिवहन विभाग के अधिकारियों ने एक बैठक ली। जिसमें उन्हें बाल वाहिनी से संबंधित राज्य सरकार के द्वारा जारी निर्देशों की पालना करने के निर्देश दिए गए। गौरतलब है कि मंगलवार को झालावाड़ शहर में एक निजी स्कूल की बस बेकाबू होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। जिसमें दर्जन भर से ज्यादा बच्चे चोटिल हुए थे। इसके बाद से ही शहर भर के लोगों में निजी बस संचालकों के खिलाफ रोष देखा जा रहा था तो वहीं इस पूरी घटना के बाद जिला प्रशासन की भी नींद उड़ी और आज पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों ने निजी स्कूल संचालकों की एक मैराथन बैठक ली। जिसमें उन्हें बाल वाहिनी से संबंधित समस्त दिशा-निर्देशों की सख्ती से पालना के निर्देश दिए गए तो वहीं 7 दिनों के अंदर निर्देशों की पालना रिपोर्ट भी जिला कलेक्टर ने तलब की है। जिला कलेक्टर भारती दीक्षित का कहना है कि यदि किसी भी स्कूल में सरकार के द्वारा जारी किए गए निर्देशों की पालना नहीं की तो उनके खिलाफ कठोर कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

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