जोधपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
जोधपुर में सीआरपीएफ जवान नरेश जाट को गार्ड ऑफ ऑनर देकर विदाई दी गई। अब तक परिजन अपनी मांगों को लेकर जवान का शव मोर्चरी से लेने से इनकार कर रहे थे। वार्ता में सभी मांगों पर सहमति बनने के बाद शव को गांव राजोला ले जाया गया। यहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। दरअसल महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी पर गुरुवार को सीआरपीएफ के जवानों ने अपने साथी नरेश जाट को गार्ड ऑफ ऑनर देकर विदाई दी। इस दौरान जवानों के साथ अधिकारियों ने भी सिर झुका कर सम्मान दिया। सीआरपीएफ के जवानों के साथ हनुमान बेनीवाल ने शव को कंधा देकर सीआरपीएफ की गाड़ी तक पहुंचाया। जिसके बाद सीआरपीएफ आईजी और जवानों की टुकड़ी शव को गांव राजोला लेकर रवाना हुई। बता दे, कि नरेश जाट ने सोमवार को अपने क्वार्टर में खुद को गोली मार ली थी। मरने से पहले उसने वीडियो में अपनी परेशानी बताई जिसमे कई अफसर और सीआरपीएफ कार्मिकों के नाम बताए जो उसे परेशान करते हैं। गुरुवार को सीआरपीएफ की एडीजी ने ऐसे 9 लोगों के तबादले के आदेश जारी करने सहित अन्य मांगों पर सहमति दी जिसके बाद शव को उठाया गया। नरेश जाट का पैतृक गांव पाली के राजोल में सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार किया गया। गांव के शमशान में भी गार्ड ऑफ ऑनर देकर 3 राउंड फायर किए गए। सात साल की बेटी कनिषा ने पिता के पार्थिव शरीर पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। जिसके बाद पिता लिखमाराम ने पोती के साथ बेटे की चिता को अग्नि दी।

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