जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से 21 और 22 जुलाई को जयपुर के ओटीएस में सरकार के कामकाज की समीक्षा और विभागों की प्रगति रिपोर्ट लेने के लिए 2 दिन होने वाली बैठक अब टलने के आसार हैं। दो दिन बैठकें होगी या नहीं इसे लेकर भी संशय बना हुआ है। इससे पहले मई माह के अंदर भी सीएम गहलोत की ओर से सरकार के कामकाज की समीक्षा के लिए बैठक बुलाई गई थीं लेकिन उन्हें भी कांग्रेस के चिंतन शिविर के चलते टाल दिया गया था। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी पर ईडी की कार्रवाई के विरोध में टल सकती हैं समीक्षा बैठकें ऐसे में माना जा रहा है कि सीएम गहलोत 21 जुलाई को दिल्ली जा सकते हैं, जिसके चलते समीक्षा बैठकों को आगे के लिए टाला जा सकता है। समीक्षा बैठक टलने की एक वजह जयपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन भी है। 21 जुलाई को सोनिया गांधी की दिल्ली में ईडी के सामने पेशी के विरोध में प्रदेश कांग्रेस की ओर से भी जयपुर में ईडी कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया जाएगा और 22 जुलाई को सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।सीएम गहलोत विभागवार कामकाज की समीक्षा बैठकों के दौरान मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट भी तैयार करने वाले थे। तमाम मंत्रियों को अपने-अपने विभागों के कामकाज का प्रेजेंटेशन सीएम गहलोत के सामने देना था, जिनमें सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट, बजट घोषणाओं की क्रियान्विति और सरकार के जन घोषणा पत्र में किए गए वादों की क्रियान्विति शामिल हैं। 2 दिन समीक्षा बैठकों के जरिए ही मंत्रियों का भविष्य भी तय होना था। कांग्रेस गलियारों में चर्चा इस बात की थी कि गहलोत सरकार में संभावित तीसरे मंत्रिमंडल पुनर्गठन से पहले सीएम गहलोत समीक्षा बैठकों के जरिए मंत्रियों की परफॉर्मेंस का आंकलन करने वाले थे और जिन मंत्रियों की परफॉर्मेंस कमजोर नजर आती उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।

0 टिप्पणियाँ