अलवर ब्यूरो रिपोर्ट।
राज्यसभा चुनाव से पहले बसपा से कांग्रेस में आए विधायक एक के बाद एक बयान बाजी कर रहे हैं। अभी तक कई विधायक कांग्रेस के बाड़ेबंदी शिविर में नहीं पहुंचे हैं। कोई मुख्यमंत्री पर आरोप लगा रहा है तो कोई मांगें पूरी नहीं होने की बात कह रहा है, इन सबके बीच तिजारा विधायक संदीप यादव ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अपना दुख बयां किया है।
उन्होंने पत्र में लिखा है कि एक तरफ कांग्रेस के नेता पार्टी को छोड़ रहे हैं लेकिन बसपा के विधायक साथ खड़े हैं फिर भी सरकार में उनको पूरा सम्मान नहीं मिल रहा है। बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए दो विधायकों को कोई पद नहीं दिया गया है। नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा है कि विधायक अपने काम के लिए चक्कर लगाते रहते हैं और अधिकारी उनका सम्मान नहीं करते हैं। दरअसल बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए सभी 6 विधायक बीते दिनों तिजारा विधायक संदीप यादव के घर जुटे। इस दौरान राज्यसभा चुनाव से पहले आगे की रणनीति बनाई गई। इसके बाद ही प्रदेश सरकार के खिलाफ बयानबाजी का दौर चल निकला है। इसे प्रेशर पॉलिटिक्स भी कहा जा सकता है। विधायक राज्यसभा चुनाव से पहले सरकार पर दबाव बनाकर अपना काम निकलवाना चाहते हैं। इस सबके बीच तिजारा विधायक का सीएम के नाम खत सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस चिट्ठी में आलाकमान को लपेटा गया है। लिखा है कि सम्मान उनका है जो पार्टी छोड़ कर जा रहे हैं। आलाकमान उनकी बातें सुन रहा है। लेकिन बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए विधायकों को कोई सम्मान नहीं दिया गया। आलाकमान उनके सम्मान में बोल भी नहीं बोलता। जोर देकर लिखा है हमारी समस्या सुनने वाला कोई नहीं है, ऐसे में हमारा भविष्य भी खतरे में नजर आ रहा है। यादव ने सवाल पूछा है कि आखिर क्यों नया व्यक्ति आपकी पार्टी से जुड़े? वो भी तब जब प्रदेश के मुख्यमंत्री लोगों से मिलकर उनसे सीधा संवाद कर रहे हैं लेकिन जनप्रतिनिधियों की समस्या सुनने का उनके पास समय नहीं है। जबकि हम 5 लाख की आबादी का नेतृत्व करते हैं। सरकार हमारे साथ भेदभाव कर रही है। पत्र में विधायक ने भिवाड़ी में अपने विधानसभा क्षेत्र की समस्याएं भी मुख्यमंत्री के सामने रखी है। लिखा है कि सड़क, नाली, टोल सहित कई ऐसे मुद्दे हैं जो कई बार सरकार के मंत्रियों के सामने रखे गए लेकिन उनका आज तक कोई समाधान नहीं हुआ। विधायक ने सरकारी महकमें में काम करने वाले अपने क्षेत्र के लोगों के ट्रांसफर को भी बड़े मुद्दे की तरह प्रोजेक्ट किया है। संदीप यादव ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार में बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए विधायकों को पूरा सम्मान नहीं मिला। जिन लोगों को मंत्री पद दिया गया या मंत्री का दर्जा मिला है उन लोगों को भी प्रोटोकोल बेहतर नहीं दिए गए। दो विधायक ऐसे हैं, जिनको अभी तक कोई पद नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा था कि वो सभी विधायकों के अभिभावक हैं इसलिए वो अपनी समस्या अपने अभिभावक के सामने रख रहे हैं। यादव ने लिखा है कि अब उन लोगों को अपना भविष्य खतरे में नजर आने लगा है। उनके सभी साथी असमंजस में हैं। उन्हें डर है कि आलाकमान की तरफ से कोई नया नियम न जारी हो जाए। खत में उन्होंने गुजारिश की है उनकी भी सुनी जाए। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश सरकार के बजट की सराहना करते हुए एक डिमांड रखी है। कहा है- अब उस बजट को धरातल पर लागू करने का समय आ गया है।

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