सीकर ब्यूरो रिपोर्ट।
सीकर में अधिवक्ताओं का राज्य अधिवेशन हुआ। जिसमें राजस्थान के सभी जिलों के अभिभाषक संघ से जुड़े सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम में अधिवक्ताओं ने मांग कि है कि प्रदेश के रेवेन्यू कोर्ट में न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति होनी चाहिए। जिससे कि लोगों को से शीघ्र न्याय मिले।बीते दिनों खंडेला में एसडीओ कोर्ट में अधिवक्ता हंसराज मावलिया के आत्मदाह करने के बाद से ही अधिवक्ता लगातार यह मांग करते आ रहे हैं। सीकर अभिभाषक संघ के प्रेजिडेंट राजेंद्र शर्मा ने कहा कि शनिवार सीकर में प्रदेश के एडवोकेट का राज्य अधिवेशन किया गया है। जिसमें सम्पूर्ण राजस्थान से अभिभाषक संघ से के सदस्य शामिल हुए हैं। राजेंद्र ने कहा कि आज के इस सम्मेलन का मुख्य मुद्दा यह रहा कि रेवेन्यू कोर्ट में शीघ्र लोगों को न्याय मिले। इन कोर्ट में पीठासीन अधिकारी न्यायिक अधिकारी हो न कि कोई प्रशासनिक अधिकारी। जिससे कि लोगों को शीघ्र न्याय मिल सके।राजेंद्र शर्मा ने कहा कि रेवेन्यू कोर्ट्स में जो प्रशासनिक अधिकारी पीठासीन अधिकारी होते हैं। उनके पास कोर्ट के काम के अलावा प्रशासन के काम भी होते हैं। जिसके कारण वह कोर्ट में नियमित सीटिंग नहीं रख पाते हैं। जिससे कि केस का फैसला होने में काफी समय लग जाता है। ऐसे में हमारी मांग है कि इन रेवेन्यू कोर्ट में या तो न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति हो या फिर न्यायिक सेवा परिषद के नाम से अलग कैडर बनाया जाए।अधिवेशन में वकीलों ने सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रशासनिक अधिकारी साइंस की किताबें पढ़कर आरएएस बन जाता है। जिन्हे फिर एसडीओ कोर्ट में बैठा दिया जाता है। तो ऐसे में वह बिना किसी कानून की जानकारी के ही फैसले करेगा। वकीलों ने कहा कि भविष्य में दूसरे किसी अधिवक्ता को हंसराज मावलिया न बनना पड़े। इसके लिए शीघ्र रेवेन्यू कोर्ट में न्यायिक अधिकारीयों की नियुक्ति की जानी चाहिए।